पपिस्तान के खिलाफ इंडिया को ईरान का साथ। ईरान ने सर्जिकल स्ट्राइक के लिए इंडियन आर्मी की मदद की थी।
भारत ने जिस दिन लाइन ऑफ कंट्रोल पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था, ईरानियन बॉर्डर के गार्ड्स ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में हमला किया। इस घटनाक्रम को भारत और ईरान के बीच बेहतर होते रिश्तों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बलूचिस्तान पर गोले दागे
जानकारी के मुताबिक, ईरान की सेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में मोर्टार के गोले दागे। इससे पाकिस्तानी सेना हैरान रह गई। इसकी वजह से पाकिस्तानी सेना का एक धड़ा पश्चिमी सीमाओं पर व्यस्त रहा।
ईरान की ओर से की गई इस हरकत के बाद पाकिस्तान ने पश्चिमी सीमा पर जवानों की तैनाती बढ़ा दी। यह घटना तब हुई, जिस रात भारत ने पीओके में ऑपरेशन चलाया था।
पाकिस्तानी सेना सकते में
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना अब भी इस बात का पता लगा रही है कि ईरान ने मोर्टार क्यों दागे? बलूचिस्तान प्रांत के गवर्नर ने कहा, ‘ईरानियन बॉर्डर गार्ड्स द्वारा दागे गए मोर्टार के गोले पंजगूर जिले में गिरे। दो गोले पाकिस्तानी फ्रंटियर कॉर्प्स की चेकपोस्ट के नजदीक गिरे जबकि तीसरा किल्ली करीम दाद इलाके में गिरा। हालांकि, इस हमले में संपत्ति या जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।’
पाक में अफरातफरी
मोर्टार हमले के बाद पाकिस्तानी लोगों में अफरातफरी मच गई। पाकिस्तानी सेना के जवान हालात का जायजा लेने के लिए तुरंत मौके पर पहुंचे। जहां यह घटना हुई, उसे दुनिया के सबसे पिछड़े इलाके में गिना जाता है। इसी इलाके में पाकिस्तान की ओर से किए गए मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को भारत दुनिया के सामने लाने की कोशिश कर रहा है।
यह भी पढ़ें : खरीदने जा रहे सोना तो रुको 25 हजार तक पहुंचेगा सोना
पाकिस्तान से खराब हैं ईरान के रिश्ते
पाकिस्तान और ईरान के बीच करीब 900 किमी लंबी सीमा है। ईरान की सेना को सुन्नी आतंकी संगठन जुंदुल्लाह अक्सर निशाना बनाता रहता है। आरोप है कि इस संगठन को पाकिस्तानी सेना ने शह दे रखी है। इस वजह से ईरान पाकिस्तान के सामने नाराजगी भी जता चुका है। ईरान भी पाक पर यह आरोप लगा चुका है कि वह आतंकियों को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने देता है।
बलूचिस्तान पर गोले दागे
जानकारी के मुताबिक, ईरान की सेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में मोर्टार के गोले दागे। इससे पाकिस्तानी सेना हैरान रह गई। इसकी वजह से पाकिस्तानी सेना का एक धड़ा पश्चिमी सीमाओं पर व्यस्त रहा।
ईरान की ओर से की गई इस हरकत के बाद पाकिस्तान ने पश्चिमी सीमा पर जवानों की तैनाती बढ़ा दी। यह घटना तब हुई, जिस रात भारत ने पीओके में ऑपरेशन चलाया था।
पाकिस्तानी सेना सकते में
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना अब भी इस बात का पता लगा रही है कि ईरान ने मोर्टार क्यों दागे? बलूचिस्तान प्रांत के गवर्नर ने कहा, ‘ईरानियन बॉर्डर गार्ड्स द्वारा दागे गए मोर्टार के गोले पंजगूर जिले में गिरे। दो गोले पाकिस्तानी फ्रंटियर कॉर्प्स की चेकपोस्ट के नजदीक गिरे जबकि तीसरा किल्ली करीम दाद इलाके में गिरा। हालांकि, इस हमले में संपत्ति या जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।’
पाक में अफरातफरी
मोर्टार हमले के बाद पाकिस्तानी लोगों में अफरातफरी मच गई। पाकिस्तानी सेना के जवान हालात का जायजा लेने के लिए तुरंत मौके पर पहुंचे। जहां यह घटना हुई, उसे दुनिया के सबसे पिछड़े इलाके में गिना जाता है। इसी इलाके में पाकिस्तान की ओर से किए गए मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को भारत दुनिया के सामने लाने की कोशिश कर रहा है।
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पाकिस्तान से खराब हैं ईरान के रिश्ते
पाकिस्तान और ईरान के बीच करीब 900 किमी लंबी सीमा है। ईरान की सेना को सुन्नी आतंकी संगठन जुंदुल्लाह अक्सर निशाना बनाता रहता है। आरोप है कि इस संगठन को पाकिस्तानी सेना ने शह दे रखी है। इस वजह से ईरान पाकिस्तान के सामने नाराजगी भी जता चुका है। ईरान भी पाक पर यह आरोप लगा चुका है कि वह आतंकियों को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने देता है।
'500, 1000 के नोट वापस लेने से नहीं लगेगा काले धन पर लगाम'
चेन्नई। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि 500 और 1,000 रुपये के नोट वापस लेने से काले धन पर लगाम लगाने में मदद नहीं मिलेगी, क्योंकि यह विदेशी बैंकों, विदेशी मुद्रा, सोने या अन्य संपत्ति के रूप में जमा है।
एआईबीईए के महासचिव सी. एच. वेंकटचलम ने मंगलवार रात कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि अधिकांश काला धन नकदी के रूप में कम और विदेशी बैंकों, विदेशी मुद्रा, सोने या अन्य संपत्ति के रूप में जमा है। इसलिए केवल यह कदम काले धन को बाहर लाने में मदद नहीं करेगा।’’
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘दूसरा, इस कदम से नकली नोटों की समस्या भी दूर नहीं हो सकती। इसलिए जब तक हम नकली नोटों के मूल कारण पर लगाम नहीं लगाएंगे, नए नकली नोट आ जाएंगे।’’
वेंकटचलम के अनुसार, वाणिज्यिक बैंकों की करीब 85,000 शाखाएं और सहकारी बैंकों की करीब एक लाख शाखाएं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘देशभर में करीब 1,02,000 एटीएम हैं। जब तब आरबीआई बैंकों की शाखाओं और एटीएम में नए नोटों की आपूर्ति नहीं करता, जो कि अगले 24/48 घंटों में किसी भी प्रकार संभव नहीं है, आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि 500 और 1,000 के नोट हर व्यक्ति के द्वारा बेहद आमतौर पर प्रयोग किए जाते हैं।’’
एआईबीईए के महासचिव सी. एच. वेंकटचलम ने मंगलवार रात कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि अधिकांश काला धन नकदी के रूप में कम और विदेशी बैंकों, विदेशी मुद्रा, सोने या अन्य संपत्ति के रूप में जमा है। इसलिए केवल यह कदम काले धन को बाहर लाने में मदद नहीं करेगा।’’
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘दूसरा, इस कदम से नकली नोटों की समस्या भी दूर नहीं हो सकती। इसलिए जब तक हम नकली नोटों के मूल कारण पर लगाम नहीं लगाएंगे, नए नकली नोट आ जाएंगे।’’
वेंकटचलम के अनुसार, वाणिज्यिक बैंकों की करीब 85,000 शाखाएं और सहकारी बैंकों की करीब एक लाख शाखाएं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘देशभर में करीब 1,02,000 एटीएम हैं। जब तब आरबीआई बैंकों की शाखाओं और एटीएम में नए नोटों की आपूर्ति नहीं करता, जो कि अगले 24/48 घंटों में किसी भी प्रकार संभव नहीं है, आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि 500 और 1,000 के नोट हर व्यक्ति के द्वारा बेहद आमतौर पर प्रयोग किए जाते हैं।’’
आजादी के बाद भारत को सबसे बड़ा नुकसान, एक मिनट में डूबे सात लाख करोड़
नई दिल्ली। कालेधन को लेकर पीएम मोदी के फैसले और अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का असर शेयर बाजार पर दिख रहा है। घरेलू स्टॉक मार्केट और इंटरनेशनल मार्केट क्रैश हो गए हैं. बुधवार को सेंसेक्स 1600 प्वांइट की गिरावट के साथ खुला।
निफ्टी भी 500 प्वाइंट की गिरावट के साथ 8,034 पर कारोबार कर रही है। लाइवइंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई है। 8 नवंबर (मंगलवार) को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 111.44 लाख करोड़ रुपये पर था।
निफ्टी भी 500 प्वाइंट की गिरावट के साथ 8,034 पर कारोबार कर रही है। लाइवइंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई है। 8 नवंबर (मंगलवार) को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 111.44 लाख करोड़ रुपये पर था।
Salute: 500 और 1000 रूपये के नोटों के बंद किये जाने पर अखिलेश ने मोदी सरकार को दी गजब की सलाह
केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रूपये के नोटों के प्रचलन को अचानक बंद कर दिए जाने के फैसले पर यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मोदी सरकार को एक बड़ी नसीहत दी हैं. उन्होंने कहा है 500 और 1000 रूपये को बंद किये जाने के बाद केन्द्र सरकार को इस बड़ी बात का ध्यान जरुर रखना चाहिए कि किसी भी हालत में गांव में रहने वाले लोगों, गरीबों और किसान वर्ग के लोगों को परेशानीयों का सामाना न करना पड़े.
उन्होंने यह भी कहा कि 500 और 1000 रूपये के नोटों को नए नोटों या उसे कम के नोटों से बदलने के लिए मोदी सरकार को ग्रामीण इलाकों में विशेष शिविर लगाना चाहिए. अखिलेश के मुताबिक अगर केन्द्र यह व्यवस्था जल्द से जल्द कर दे तो इन लोगों के लिए ज्यादा बेहतर रहेगा.
अखिलेश के द्वारा केंद्र सरकार को दी इस सलाह की पुष्टि राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने भी की है. उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का यह कहना है कि आम नागरिकों और व्यापारियों को नोटों के बदलाव में किसी तरह की मुश्किल हालत नहीं पैदा होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण इलाकों में बैंक शाखाओं की संख्या कम है. इस वजह से ही केन्द्र सरकार को इन इलाकों में विशेष शिविर लगाकर पुराने नोटों को बदलने के इंतजाम कर देनी चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि 500 और 1000 रूपये के नोटों को नए नोटों या उसे कम के नोटों से बदलने के लिए मोदी सरकार को ग्रामीण इलाकों में विशेष शिविर लगाना चाहिए. अखिलेश के मुताबिक अगर केन्द्र यह व्यवस्था जल्द से जल्द कर दे तो इन लोगों के लिए ज्यादा बेहतर रहेगा.
अखिलेश के द्वारा केंद्र सरकार को दी इस सलाह की पुष्टि राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने भी की है. उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का यह कहना है कि आम नागरिकों और व्यापारियों को नोटों के बदलाव में किसी तरह की मुश्किल हालत नहीं पैदा होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण इलाकों में बैंक शाखाओं की संख्या कम है. इस वजह से ही केन्द्र सरकार को इन इलाकों में विशेष शिविर लगाकर पुराने नोटों को बदलने के इंतजाम कर देनी चाहिए.




