नोटबंदी पर बिफरे उद्धव ठाकरे, कहा – मोदी की कार्यपद्धति से नाराज़ हूं
मुंबई: नोटबंदी के फैसले पर शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे बिफ़र पड़े हैं. उन्होंने अबतक के अपने सबसे तीखे हमले में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उसे अस्वीकार किया है.
विदेश से लौटकर प्रेस कांफ्रेंस में उद्धव ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से नाराज़ हैं. ज्ञात हो कि शिवसेना एनडीए का बीजेपी के बाद दूसरा सबसे बड़ा दल है. अपनी प्रेस कांफ्रेंस में उद्धव ने याद दिलाया कि मुंबई में 73 साल के विश्वनाथ वर्तक की तब मौत हो गयी जब वे नए नोट पाने के लिए बैंक की कतार में खड़े थे.
इस मुद्दे पर ठाकरे बोले कि वर्तक की मौत के लिए वो जिम्मेदार हैं जिन्होंने नोटबंदी का फैसला किया है. वे आगाह करते दिखे कि जनता त्रस्त है. PM स्विस बैंकों में रखे काले धन को लाने के बजाय जापान चले गए हैं. अगर यूंही चलता रहा तो जनता एक दिन सर्जिकल स्ट्राइक करेगी.
जाते जाते उद्धव ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछा कि 56 इंच के सीने का दावा करनेवालों को 56 का पहाड़ा आता है? उनका दावा है कि इस फैसले के बाद कारोबारी बीजेपी से नाराज़ हुए हैं. ठाकरे ने सवाल पूछा है कि अगर पर्याप्त मात्रा में केंद्र सरकार नोट नहीं दे सकती तो तबतक क्या टोल, ईलाज पूरा फ्री करोगे? ऐसे में राज्य सरकारों को 500-1000 के नोट स्वीकारने की मियाद बढ़ानी होगी
विदेश से लौटकर प्रेस कांफ्रेंस में उद्धव ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से नाराज़ हैं. ज्ञात हो कि शिवसेना एनडीए का बीजेपी के बाद दूसरा सबसे बड़ा दल है. अपनी प्रेस कांफ्रेंस में उद्धव ने याद दिलाया कि मुंबई में 73 साल के विश्वनाथ वर्तक की तब मौत हो गयी जब वे नए नोट पाने के लिए बैंक की कतार में खड़े थे.
इस मुद्दे पर ठाकरे बोले कि वर्तक की मौत के लिए वो जिम्मेदार हैं जिन्होंने नोटबंदी का फैसला किया है. वे आगाह करते दिखे कि जनता त्रस्त है. PM स्विस बैंकों में रखे काले धन को लाने के बजाय जापान चले गए हैं. अगर यूंही चलता रहा तो जनता एक दिन सर्जिकल स्ट्राइक करेगी.
जाते जाते उद्धव ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछा कि 56 इंच के सीने का दावा करनेवालों को 56 का पहाड़ा आता है? उनका दावा है कि इस फैसले के बाद कारोबारी बीजेपी से नाराज़ हुए हैं. ठाकरे ने सवाल पूछा है कि अगर पर्याप्त मात्रा में केंद्र सरकार नोट नहीं दे सकती तो तबतक क्या टोल, ईलाज पूरा फ्री करोगे? ऐसे में राज्य सरकारों को 500-1000 के नोट स्वीकारने की मियाद बढ़ानी होगी
on Friday, 11 November 2016
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A comment?
जब पुजारा को मिला ‘जीवनदान’, खुशी से उछल पड़ी पत्नी पूजा
यहां सौराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में DRS का इस्तेमाल हो रहा है। इस तरह भारत में DRS का टेस्ट डेब्यू हुआ है। लंबे समय तक इसके विरोध में रहे भारत को राजकोट टेस्ट में इसका फायदा मिला है। अगर यह सिस्टम नहीं रहा होता तो भारत की तरफ से चेतेश्वर पुजारा शतक न लगा पाते।
दरअसल हुआ ये कि 71वें ओवर में इंग्लैंड के गेंदबाज जफर अंसारी की एक गेंद पर अंपायर किर्स गैफनी ने पुजारा को आउट करार दे दिया। अंसारी की गेंद पुजारा के पैर पर लगी थी और उन्होंने एलबीडब्यू की अपील की थी। उस समय पुजारा 86 रन पर खेल रहे थे। पुजारा ने इस फैसले को चुनौती दिया और थर्ड अंपायर ने पुजारा को नॉट आउट करार दिया।
दरअसल गेंद में उछाल ज्यादा थी इसलिए पुजारा को जीवनदान मिल गया। जिस समय थर्ड अंपायर ने पुजारा को नॉट आउट करार दिया, उस समय उनकी पत्नी की खुशी देखने लायक थी। स्टेडियम में मैच देख रही पुजारा की पत्नी खुशी के मारे उछल पड़ी। पुजारा ने भी जीवनदान का भरपूर फायदा उठाया और अपना नौवां टेस्ट शतक पुरा किया। इंग्लैंड के खिलाफ उनका यह तीसरा शतक है। खास बात ये है कि राजकोट उनका घरेलू मैदान भी है और यहां उन्होंने पहली बार शतक जड़ा। पुजारा 124 रन बनाकर बेन स्टोक्स का शिकार बने।
दरअसल हुआ ये कि 71वें ओवर में इंग्लैंड के गेंदबाज जफर अंसारी की एक गेंद पर अंपायर किर्स गैफनी ने पुजारा को आउट करार दे दिया। अंसारी की गेंद पुजारा के पैर पर लगी थी और उन्होंने एलबीडब्यू की अपील की थी। उस समय पुजारा 86 रन पर खेल रहे थे। पुजारा ने इस फैसले को चुनौती दिया और थर्ड अंपायर ने पुजारा को नॉट आउट करार दिया।
दरअसल गेंद में उछाल ज्यादा थी इसलिए पुजारा को जीवनदान मिल गया। जिस समय थर्ड अंपायर ने पुजारा को नॉट आउट करार दिया, उस समय उनकी पत्नी की खुशी देखने लायक थी। स्टेडियम में मैच देख रही पुजारा की पत्नी खुशी के मारे उछल पड़ी। पुजारा ने भी जीवनदान का भरपूर फायदा उठाया और अपना नौवां टेस्ट शतक पुरा किया। इंग्लैंड के खिलाफ उनका यह तीसरा शतक है। खास बात ये है कि राजकोट उनका घरेलू मैदान भी है और यहां उन्होंने पहली बार शतक जड़ा। पुजारा 124 रन बनाकर बेन स्टोक्स का शिकार बने।
नोट बंद करने पर अशरद वारसी ने उठाए सवाल, TWITTER यूजर्स ने कहा- सर्किट, शार्ट सर्किट हो गया
मुंबई. अरशद वारसी ने मोदी सरकार के 500 और 1000 के नोट बंद करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। इसे लेकर उन्होंने शुक्रवार को 7 ट्वीट किए। उन्होंने कहा - "मोदीजी अगर आप सच में देश में कुछ पॉजिटिव बदलाव लाना चाहते हैं, तो एकतरफा कानून को बदलें। क्या मुझे टैक्स चुकाने के बाद कमाई गई मेरी व्हाइट मनी वापस मिल सकती है?" इसके बाद वह सोशल मीडिया पर ट्रोल्ड होने लगे। कई यूजर्स ने उलटे उनसे ही सवाल किए। एक यूजर ने कहा- "लगता है सर्किट का शॉर्ट सर्किट हो गया है।अरशद ने कहा- मोदीजी आप कुर्सी का मजा लें लेकिन...
- अरशद वारसी ने शुक्रवार को ट्वीट में कहा- "ब्लैक मनी की मौत की वजह से मैं अचानक अमीर महसूस कर रहा हूं।
- एक और ट्वीट में उन्होंने लिखा- "ईओडब्ल्यू (इकॉनोमिक ऑफेंसेस विंग) ने मेरे टैक्स जमाकर कमाए गए मेहनत के पैसों को मेरे बैंक अकाउंट से निकाल लिया। मैं इस बारे में कुछ नहीं कर पाया।"
- उन्होंने फिर टवीट किया और लिखा- "मोदीजी अगर आप सच में देश में कुछ पॉजिटिव बदलाव लाना चाहते हैं, तो एकतरफा कानून को बदलें। क्या मुझे टैक्स चुकाने के बाद कमाई गई मेरी व्हाइट मनी वापस मिल सकती है?"
- उन्होंने एक और ट्वीट कर कहा- "एक बेईमान कंपनी को सरकार देश में कारोबार करने की इजाजत दे देती है। वहीं, टैक्स भरने वाले आम लोगों को इसका हर्जाना भुगतना पड़ता है। आखिर न्याय कहां है?"
- "अगर मैं गलत हूं, तो हर क्रिमिनल लॉयर को टैक्स चुकाने के बाद कमाई गई रकम ईओडब्ल्यू को देनी चाहिए, क्योंकि उन्हें वे पैसे क्रिमिनल्स से मिले हैं।"
- " 'मोदी जी आप कुर्सी पर बैठकर मौज लें, लेकिन ईमानदारी से टैक्स भरने वालों को पायदान की तरह इस्तेमाल न करें।"
- " सर आपने ब्लैक मनी को कम करने में प्रभावी ढंग से काम किया है। कृपया पुराने हो चुके कानून को बदलें और टैक्स देने वालों की तादाद बढ़ाएं।"
जरूरी सुचना: 72 घंटे और चलेंगे 500-हजार के पुराने नोट, अस्पताल-पेट्रोल पंप पर कर सकते हैं इस्तेमाल
केंद्र सरकार ने आगामी 14 नवंबर तक 500 और 1000 रुपये पुराने नोटों के लेन-देन की अवधि बढ़ा दी है।
14 नवंबर तक अस्पताल, पेट्रोल और सीएनजी पंप जैसी सार्वजनिक जगहों पर पुराने नोटों का लेन-देन होगा। इसके साथ ही केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 14 नवंबर तक सभी नेशनल हाइवे को टोल फ्री करने की घोषणा की है।
नोटों के वैधता की सीमा 11 नवंबर की आधी रात तक खत्म होने वाली थी। बताया जा रहा है कि लोगों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए ये समय अवधि बढ़ाई गई है। पुराने नोटों के चलने से सरकारी विभागों अब 14 नवंबर तक बिल जमा किए जा सकेंगे।
काले धन पर रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के तत्कालीन नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। इसके बाद आरबीआई ने 500 और 2000 रुपये के नोट का महात्मा गांधी सीरीज़ के नए नोट सामने लाए थे।
नोट बंद होने से आम लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एटीएम के आगे लंबी लाइनें लगी हुई हैं और लोग कैश की दिक्कतों से अब भी जूझ रहे हैं।
बीजेपी का कहना है कि सरकार का मकसद आतंकवादियों को फंडिंग तथा हवाला कारोबार पर शिंकजा कसना था।
14 नवंबर तक अस्पताल, पेट्रोल और सीएनजी पंप जैसी सार्वजनिक जगहों पर पुराने नोटों का लेन-देन होगा। इसके साथ ही केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 14 नवंबर तक सभी नेशनल हाइवे को टोल फ्री करने की घोषणा की है।
नोटों के वैधता की सीमा 11 नवंबर की आधी रात तक खत्म होने वाली थी। बताया जा रहा है कि लोगों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए ये समय अवधि बढ़ाई गई है। पुराने नोटों के चलने से सरकारी विभागों अब 14 नवंबर तक बिल जमा किए जा सकेंगे।
काले धन पर रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के तत्कालीन नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। इसके बाद आरबीआई ने 500 और 2000 रुपये के नोट का महात्मा गांधी सीरीज़ के नए नोट सामने लाए थे।
नोट बंद होने से आम लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एटीएम के आगे लंबी लाइनें लगी हुई हैं और लोग कैश की दिक्कतों से अब भी जूझ रहे हैं।
बीजेपी का कहना है कि सरकार का मकसद आतंकवादियों को फंडिंग तथा हवाला कारोबार पर शिंकजा कसना था।




