पंजाब चुनावो के लिए जमा कर रखा था करोडो, जो हुए कचरा, इसलिए बौखलाए केजरीवाल
Source: Dainikbharat.org
दिल्ली का मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, नोटबंदी, काले धन पर नियंत्रण, जाली नोटों पर नियंत्रण से इतना घबराया हुआ है कि कुछ भी अनाब सनाब बोल रहा है।
नोटबंदी पर आज केजरीवाल ने कहा की, "मोदी नोटबंदी की आड़ में महाघोटाला कर रहा है और मेरे पास इस बात का सबूत है, नोट बंदी में बीजेपी के नेता भी शामिल है
और ये सबकुछ गरीब विरोधी है"
आपको बता दें की केजरीवाल की ये पुरानी आदत है, वो इल्जाम लगाता है और कहता है की उसके पास सबूत है
* पर केजरीवाल वो सबूत कभी नहीं दिखाता, और सबूत है तो उसे दिखाने के लिए क्या प्रधानमंत्री मोदी से इजाजत लेनी होगी, दिखाता क्यों नहीं सबूत
सबूत है तो सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका लगवाने के लिए भी क्या प्रधानमंत्री से इज़ाज़त लेनी होगी
केजरीवाल के सबूतों पर तो उसकी पत्नी सुनीता केजरीवाल तक को भी भरोसा नहीं है, क्योंकि ये शख्स तो अपने बच्चों की झूठी कसम खाने वाला शख्स है
राजनीती के लिए और क्या क्या नहीं कर सकता
और आपको याद तो होगा ही की केजरीवाल के पास शीला दीक्षित, अम्बानी इत्यादि के खिलाफ भी सबूत था
शीला दीक्षित के खिलाफ तो केजरीवाल के पास बक्सा भरकर 370 पन्नो का सबूत था
जिसे कदाचित केजरीवाल ने शीला दीक्षित को करोडो रुपए लेकर बेच दिया, क्योंकि आजतक उस 370 पन्नो के सबूत को देश की जनता ने तो नहीं देखा
और इसी केजरीवाल के पास नितिन गडकरी के खिलाफ भी सबूत था, बाद में गडकरी ने कोर्ट में शिकायत कर दी, केजरीवाल ने मिलकर माफ़ी मांग ली
दिल्ली का मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, नोटबंदी, काले धन पर नियंत्रण, जाली नोटों पर नियंत्रण से इतना घबराया हुआ है कि कुछ भी अनाब सनाब बोल रहा है।
नोटबंदी पर आज केजरीवाल ने कहा की, "मोदी नोटबंदी की आड़ में महाघोटाला कर रहा है और मेरे पास इस बात का सबूत है, नोट बंदी में बीजेपी के नेता भी शामिल है
और ये सबकुछ गरीब विरोधी है"
आपको बता दें की केजरीवाल की ये पुरानी आदत है, वो इल्जाम लगाता है और कहता है की उसके पास सबूत है
* पर केजरीवाल वो सबूत कभी नहीं दिखाता, और सबूत है तो उसे दिखाने के लिए क्या प्रधानमंत्री मोदी से इजाजत लेनी होगी, दिखाता क्यों नहीं सबूत
सबूत है तो सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका लगवाने के लिए भी क्या प्रधानमंत्री से इज़ाज़त लेनी होगी
केजरीवाल के सबूतों पर तो उसकी पत्नी सुनीता केजरीवाल तक को भी भरोसा नहीं है, क्योंकि ये शख्स तो अपने बच्चों की झूठी कसम खाने वाला शख्स है
राजनीती के लिए और क्या क्या नहीं कर सकता
और आपको याद तो होगा ही की केजरीवाल के पास शीला दीक्षित, अम्बानी इत्यादि के खिलाफ भी सबूत था
शीला दीक्षित के खिलाफ तो केजरीवाल के पास बक्सा भरकर 370 पन्नो का सबूत था
जिसे कदाचित केजरीवाल ने शीला दीक्षित को करोडो रुपए लेकर बेच दिया, क्योंकि आजतक उस 370 पन्नो के सबूत को देश की जनता ने तो नहीं देखा
और इसी केजरीवाल के पास नितिन गडकरी के खिलाफ भी सबूत था, बाद में गडकरी ने कोर्ट में शिकायत कर दी, केजरीवाल ने मिलकर माफ़ी मांग ली
on Friday, 11 November 2016
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786 के नोट इकट्ठा करने के शौकीन ये साहब अब दिन में दो बार गिन रहे नोट
करनाल। 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने की घोषणा के बाद पिछले कई दिन से रोज किसी न किसी के शौक टेंशन में चले जाते हैं। कई की शादी की रंगत फीकी पड़ चुकी है, वहीं नोटों का संग्रह करने के शौकहीन लोगों को भी अब टेंशन में देखा जा सकता है। प्रदेश के ऐसे ही कई युवाओं को अब मारे टेंशन के दिन में दो बार नोटों को गिनते देखा जा सकता है। रद्दी हो जाएंगे बरसों की मेहनत से जुटाए 786 के नोट...
- करनाल के करीब 26 वर्षीय विष्णु ने जब से पढ़ाई के बाद कामकाज करना शुरू किया। तभी से विष्णु ने यह 786 नंबर लिखे नोटों को इकट्ठा करना शुरू किया, क्योंकि विष्णु को 500 के हरे पीले रंग और 1000 रुपए के पिंक रंग के यह पुराने नोट काफी पसंद थे।
- बरसों बीते, शौक बढ़ता चला गया और अब वही शौक चिंता में बदल गया, क्योंकि वो नोट अब चलने बंद हो गए हैं।
- प्रधानमंत्री मोदी व केंद्र सरकार द्वारा 500 व 1000 रुपए के इन नोटों को बंद करने की घोषणा के बाद बाद से विष्णु मायूस हो गया है।
- हालांकि अभी इन्हें अपने पास बड़े प्यार से संभाले हुए है। सोच रहा है कि वह इनका क्या करे और इसी के चलते रोजाना दिन में 2 बार इनकी गिनती करता है फिर रख देता है।
मुकेश अंबानी के घर शादी की तैयारियां चल रही हैं, अंबानी के घर से मोदी की बेटी की शादी!
रिलायंसइंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के घर शादी की तैयारियां चल रही हैं।
यह अंबानी परिवार के किसी सदस्य की शादी नहीं, बल्कि इस परिवार के बेहद करीबी की बेटी की शादी है। यह शादी है मनोज मोदी की बेटी भक्ति की। आखिर ऐसा क्या वजह है कि अंबानी परिवार अपने किसी दोस्त की बेटी की शादी की मेहमानवाजी कर रहा है। बसे पहले मनोज मोदी जैसी शख्सियत के बारे में जानना जरूरी है। मूल रूप से गुजरात के रहने वाले मनोज मोदी मुकेश अंबानी के बेहद करीबी दोस्त हैं। मोदी और अंबानी इंजीनियरिंग कॉलेज में साथ-साथ पढ़े। दोस्तों के बीच एमएम के तौर पर जाने जाने वाले मनोज मोदी खुद को मुकेश अंबानी के सबसे वफादार करीबी मानते हैं। 59 साल के मनोज मोदी हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज में आधिकारिक तौर पर किसी पद पर नहीं हैं लेकिन कंपनी में अगर सीईओ का पद होता तो इसमें कोई संदेह नहीं कि उस पद पर मनोज मोदी के अलावा दूसरा कोई नहीं होता। पूरे ग्रुप को मनोज मोदी की हैसियत का अंदाजा है। मनोज मोदी पिछले 9 साल से रिलायंस से जुड़े हैं और कंपनी के हर बड़े प्रोजेक्ट में इनकी अहम भूमिका होती है।
रिलायंस की पिछले दिनो लॉन्च हुई जियो सर्विस के पीछे मनोज मोदी का दिमाग रहा है। मनोज मोदी मुकेश अंबानी के हजीरा पेट्रोकेमिकल, जामनगर रिफाइनरी, पहले टेलीकॉम बिजनेस और रिलायंस रिटेल जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स संभाल चुके हैं। मनोज मोदी ने जामनगर रिफाइनरी में काम के दौरान कॉन्ट्रैक्टरों और व्यापारियों के बीच जबर्दस्त डीलिंग की थी। इस प्रोजेक्ट के बाद ही मनोज मोदी मुकेश अंबानी के चहेते बन गए थे। अपनी आक्रामक भाषा के लिए जाने जाने वाले मनोज मोदी कंपनी की ग्रोथ के लिए किसी भी चुनौती को स्वीकार करने से पीछे नहीं हटते। मुकेश अंबानी के बेटे आकाश और बेटी ईशा को मनोज मोदी ने ही बिजनेस के गुर सिखाए हैं। मुकेश अंबानी, आकाश और मनोज मोदी मुंबई में रिलायंस जियो के 'ओपन ऑफिस' में साथ-साथ बैठते हैं। इस ऑफिस में जियो के चेयरमैन समेत टॉप 70 एक्जिक्यूटिव बैठते हैं।
यह अंबानी परिवार के किसी सदस्य की शादी नहीं, बल्कि इस परिवार के बेहद करीबी की बेटी की शादी है। यह शादी है मनोज मोदी की बेटी भक्ति की। आखिर ऐसा क्या वजह है कि अंबानी परिवार अपने किसी दोस्त की बेटी की शादी की मेहमानवाजी कर रहा है। बसे पहले मनोज मोदी जैसी शख्सियत के बारे में जानना जरूरी है। मूल रूप से गुजरात के रहने वाले मनोज मोदी मुकेश अंबानी के बेहद करीबी दोस्त हैं। मोदी और अंबानी इंजीनियरिंग कॉलेज में साथ-साथ पढ़े। दोस्तों के बीच एमएम के तौर पर जाने जाने वाले मनोज मोदी खुद को मुकेश अंबानी के सबसे वफादार करीबी मानते हैं। 59 साल के मनोज मोदी हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज में आधिकारिक तौर पर किसी पद पर नहीं हैं लेकिन कंपनी में अगर सीईओ का पद होता तो इसमें कोई संदेह नहीं कि उस पद पर मनोज मोदी के अलावा दूसरा कोई नहीं होता। पूरे ग्रुप को मनोज मोदी की हैसियत का अंदाजा है। मनोज मोदी पिछले 9 साल से रिलायंस से जुड़े हैं और कंपनी के हर बड़े प्रोजेक्ट में इनकी अहम भूमिका होती है।
रिलायंस की पिछले दिनो लॉन्च हुई जियो सर्विस के पीछे मनोज मोदी का दिमाग रहा है। मनोज मोदी मुकेश अंबानी के हजीरा पेट्रोकेमिकल, जामनगर रिफाइनरी, पहले टेलीकॉम बिजनेस और रिलायंस रिटेल जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स संभाल चुके हैं। मनोज मोदी ने जामनगर रिफाइनरी में काम के दौरान कॉन्ट्रैक्टरों और व्यापारियों के बीच जबर्दस्त डीलिंग की थी। इस प्रोजेक्ट के बाद ही मनोज मोदी मुकेश अंबानी के चहेते बन गए थे। अपनी आक्रामक भाषा के लिए जाने जाने वाले मनोज मोदी कंपनी की ग्रोथ के लिए किसी भी चुनौती को स्वीकार करने से पीछे नहीं हटते। मुकेश अंबानी के बेटे आकाश और बेटी ईशा को मनोज मोदी ने ही बिजनेस के गुर सिखाए हैं। मुकेश अंबानी, आकाश और मनोज मोदी मुंबई में रिलायंस जियो के 'ओपन ऑफिस' में साथ-साथ बैठते हैं। इस ऑफिस में जियो के चेयरमैन समेत टॉप 70 एक्जिक्यूटिव बैठते हैं।




