नोट बदलने पहुंची लड़की तो भीड़ ने उसकी जिंदगी ही बदल दी

गुना। कालापाठा क्षेत्र की कुछ महिलाएं भारतीय स्टेट बैंक में शनिवार दोपहर जब अपने पुराने 500 और 1000 के नोट बदलने पहुंचीं, तो बैंक में उन्हें अपने साथ ठगी करने वाली युवती भी लाइन में लगी नजर आ गई। बस फिर क्या था उक्त महिलाओं ने तुरंत 100 नंबर पर पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुला लिया और उक्त युवती को पकड़कर कैंट थाने ले आईं।

एसआई बबीता कटारिया ने बताया कि कालापाठा क्षेत्र की करीब 11 महिलाओं ने उक्त युवती पर आरोप लगाया है कि एक वर्ष पहले युवती और उसके इंदौर निवासी साथियों ने स्वसहायता समूह के नाम पर 1300-1300 रुपए लेकर 25 हजार रुपए लोन देने की बात कही थी। इसके बाद उक्त कंपनी के कर्मचारी रुपए लेकर भाग गए और जो चेक हमें दिए थे, वह बैंक में बाउंस हो गए।
महिलाओं ने बताया कि उक्त युवती भी तब से ही गायब थी। महिलाओं ने तब इस मामले की लिखित शिकायत भी कैंट पुलिस को की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। पुलिस ने बताया कि इस मामले में युवती का कहना है कि वह तो इंदौर की उक्त कंपनी में 7 हजार रुपए की वेतन पर काम करती थी। युवती गुना में ही निवास करती है। शनिवार को पुराने नोट बदलने बैंक पहुंची, तो उक्त महिलाओं ने पकड़ लिया। बहरहाल मामले की जांच में कैंट पुलिस जुट गई है।

on Sunday, 13 November 2016 | A comment?

केजरीवाल ने कहा नोटों का फैसला वापस ले मोदी

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने नोटबंदी के फैसले पर रविवार शाम को प्रेस वार्ता की। अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि लोग भूखे मर रहे हैं। देशभर में इमरजेंसी जैसे हालात बन रहे हैं। प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए। 

केजरीवाल ने कहा, पीएम मोदी ने पहले 2 दिन बोला था अब 50 दिन के लिए बोल रहे हैं। जनता 50 घंटे भी नहीं रुक सकती। पीएम मोदी ने चुनाव के समय देश की जनता से स्विस बैंक से काला धन वापस लाने का बाद किया था, उसका क्या हुआ?। सरकार ने ब्लैकमनी के खिलाफ कार्रवाई करने का नाटक किया और नाटक से जनता का पेट नहीं भरता। 
केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी अहंकार छोड़िए और नोटबंदी का फैसला वापस ले लीजिए। अगर सरकार चाहे तो इंतजाम पुख्ता कर नियम वापस से लागू कर दे। उन्होंने कहा कि इस फैसले से पूरे देश में पैनिक हो गया है। मोदी के भाषण पर बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि पीएम की भाषा सुनकर दुख हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को लाइन में खड़े होकर देखना चाहिए।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास कोई रोड मैप नहीं है। चुनाव से पहले अगर पीएम बता देते कि वे सरकार में आने के बाद 500 व 1000 के नोट बंद करेंगे तो लोग उन्हें वोट न देते। अरविंद केजरीवाल ने नकली करेंसी पर बोलते हुए कहा कि नकली नोट बनाने वाले वैसे ही बैठे हैं, उनपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

पीएम मोदी का पलटवार: जब आपने चवन्नी बंद की थी तो मैंने पूछा था?

कर्नाटक : प्रधानमंत्री मोदी गोवा में देशवासियों को संबोधित करने के बाद कर्नाटक लिंगायत एजुकेशन सोसाइटी (केएलई) के शताब्दी समारोह में बेलगाम पहुंचे।

पीएम मोदी का कांग्रेस पर पलटवार
कर्नाटक के बेलगाम में मोदी ने समारोह में कहा,’राजनीतिक दल भी 100 साल नहीं चल पाते, परिवार भी नहीं बचते। कल्पना कर सकते हैं एक संस्था के 100 साल तक चलने की।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि वह चाहते हैं कि 2020 के ओलंपिक में केएलई देश के लिए कुछ गोल्ड मेडल जीते। मुझे लगता है आप कर सकते हैं।

मोदी ने दुनिया की 100 यूनिवर्सिटी में भारत की एक भी यूनिवर्सिटी न होने पर भी चिंता जताई। पीएम मोदी ने 500 और 1000 के नोट चलन से बाहर करने पर कहा,’सरकार ईमानदार लोगों को तकलीफ देना नहीं चाहती।’ उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा,’कांग्रेस के लोग कह रहे हैं 100 और 500 के नोट बंद क्यों किए। आपने जब चवन्नी बंद की थी तो मैंने पूछा था।’

कश्मीरी मस्जिद में लाउड स्पीकर पर चले भारत विरोधी नारे; गुस्से में आकर फौजियों ने क्या किया?

भारतीय स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त से थोड़े ही दिन पहले कश्मीर में शुक्रवार की सुबह कुछ युवकों ने मस्जिद में लाउड स्पीकर पर कश्मीर की आज़ादी के गीत और नारे चलाने शुरू किये। जिसकी वजह से घुस्साए फौजियों ने जो किया, वो हर देशप्रेमी करता।

क्रोधित सेना के जवानों ने मस्जिद को घेर लिया और अन्दर घुसकर लाउडस्पीकरों, खिड़की के शीशों को तोड़ डाला और सबको वहां से बाहर घसीटा।

कम से कम 40 लोग अपनी इस घटिया हरकत के लिए, सेना के गुस्से का शिकार हुए। भारतीय सेना जवानों इतने घुस्से में थे कि अपना आप खो बैठे और उन युवकों की जम के पिटाई की। बताया जा रहा है की उनमें से एक युवक, जो मौके पर लीडर बनने की कोशश कर रहा था, को फौजियों ने पीट पीट कर पिल-पिला कर दिया! वो तो गांव के कुछ बड़े बुज़ुर्ग बचाव के लिए बीच में आ गए, और उन्हें सेना के कहर से  बचा लिया।
घायलों को मनिगम के सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए ले जाया गया। लेकिन, सेना के कमांडिंग अधिकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए और डॉक्टर और पैरा टीम को घायलों का उपचार करने के लिए भी धमकाया।
इस कांड में शामिल पुरुष महिलायें भारतीय सेना की इस ताड़ना के ही लायक थे। जो भारत की धरती पर रहते हैं, इस देश का नमक खाते हैं और फिर मस्जिद को साधन के रूप में प्रयोग कर, देश विरोधी नारे बजवा कर अपने आप को नायक सिद्ध करने की कोशिश करते हैं! 
राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी कश्मीर की आज़ादी के लिए हिंसक विरोध प्रदर्शन किए गये, जिसमें की CRPF के जवान और कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
कश्मीर की आज़ादी मांगने वाले ये देश-विरोधी शायद भूल गए हैं कि, भारत के इन जवानों ने इनकी रक्षा के लिए अपनी जानें गवाई हैं और आज भी इनकी रक्षा करने के लिए रात-दिन लगे रहते हैं।

on Saturday, 12 November 2016 | A comment?