मोदी के फैसले से नाखुश पूर्व गवर्नर राजन, नोटबंदी पर दिया यह बड़ा बयान

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर रात 12 बजे से 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा की। पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में बताया कि जिन लोगों के पास 500 और 1000 के नोट हैं वो उन्हें बैंकों और डाकघरों में 30 दिसंबर तक बदल सकते हैं।
नोटबंदी के बाद आम लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। विपक्षी पार्टियों, आर्थिक जानकारों सहित सोशल मीडिया पर बहुत से आम लोग भी पीएम मोदी के फैसले की अालोचना कर रहे हैं। इन अालोचना करने वालों में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी शामिल हैं। मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार रघुराम राजन विमुद्रीकरण के पक्ष में नहीं थे लेकिन पीएम मोदी को कुछ अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों का समर्थन हासिल था जिसकी वजह से उन्होंने ये बड़ा फैसला ले लिया।
राजन इससे पहले भी विमुद्रीकरण को लेकर अपनी आशंकाएं सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर चुके हैं। साल 2014 में उन्होंने इस पर अपनी राय रखते हुए कहा था, “चालाक लोग इससे बचने का रास्ता निकाल लेंगे।” राजन के अनुसार इससे बचने का एक तरीका ये हो सकता है कि जिन लोगों ने बड़े नोट इकट्ठे कर रखे हैं वो उन्हें छोटे नोटों में बदल लें जिससे उन्हें बदलना आसान हो जाएगा। राजन मानते हैं कि विमुद्रीकरण किए जाने पर कालाधन रखने वाले बड़े नोटों से सोना खरीद सकते हैं जिसे पकड़ना और मुश्किल हो जाएगा।
अमरीका में 39% तक लगता है कर
राजन के अनुसार सरकार को विमुद्रीकरण के बजाय भारतीय कर व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। राजन ने बताया कि “अमरीका में अधिक आय वालों पर 39 प्रतिशत तक कर लगता है, इसके अलावा वहां के राज्य भी अलग से टैक्स लगाते हैं। जबकि भारत में ये दर अधिकतम 33 प्रतिशत है।” राजन ने कहा था, “हमारे यहां टैक्स कई औद्योगिक देशों से कम है।”
कालेधन वालों पर राजन ने कहा
कालाधन जमा करने वालों पर बोलते हुए राजन ने कहा था, “मैं लेन-देन पर ज्यादा निगरानी रखने और जहां लोग अपनी आय घोषित नहीं कर रहे हैं वहां बेहतर कर प्रबंधन पर जोर देता है। मेरे ख्याल से आधुनिक अर्थव्यवस्था में पैसे छिपाना आसान नहीं है।” कालेधन पर रोक लगाने का कौन सा उपाय सही है ये तो विशेषज्ञ जानें लेकिन इतना तो साफ है कि पीएम मोदी और राजन के बीच इसको लेकर भी गहरे मतभेद थे। मीडिया में खबरों के अनुसार नरेंद्र मोदी ने रघुराम राजन को गवर्नर के रूप में सेवा विस्तार नहीं दिया था। राजन ने साफ कहा था कि उन्हें अपना काम पूरा करने के लिए एक साल का समय और चाहिए लेकिन मोदी सरकार ने उनकी जगह उनके डिप्टी उर्जित पटेल को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का नया गवर्नर बना दिया था।

on Monday, 14 November 2016 | A comment?

सरकार को घेरने वाले अरविन्द केजरीवाल खुद हो गये Twitter पर

1000 और 500 के नोट को बंद करने के फैसले को लेकर तमाम परेशानियां उठाने के बावजूद लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं. वहीं कुछ ऐसे नेता भी हैं, जो इसे एक स्टंट बता कर प्रधानमन्त्री को घेरने की तैयारी भी कर रहे हैं. घेरने वाले इस नेताओं की लिस्ट में सबसे ऊपर हैं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल. जो फेसबुक से लेकर ट्विटर तक उन्हें किसी न किसी तरह से निशाना बना रहे हैं. जिसे लेकर ट्विटर के कई यूज़र, अरविन्द केजरीवाल का अच्छाखासा ट्रोल बना रहे हैं. ऐसे ही एक ट्विटर यूजर हैं तारेक फतह, जिनके ट्वीट को देख कर शायद अरविन्द केजरीवाल खुद भी पानी-पानी हो जायें.

क्या आ गए ? नोटबंदी के फैसले पर पीएम से लालू का सवाल, 50 दिनों बाद सबके खातों में 15-15 लाख आ जाएँगे क्या

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोट बंदी को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा की हम काले धन के विरुद्ध हैं पर आपके इस तरह के फैसले का असर दिख रहा है आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए था आप को।
लालू ने नोट बंदी के फैसले पर ट्वीट करके पूछा है की “मोदीजी आप 50 दिनों की सीमित असुविधा की बात कर रहे हैं, तो क्या समझा जाए कि आपके वादानुसार 50 दिनों बाद सबके खातों में 15-15 लाख आ जाएँगे” आगे उन्होंने चुटकी लेते हुये ट्वीट किया “अगर ये सब करने के बाद भी लोगों को 15 लाख नही मिले तो इसका मतलब होगा कि यह “फर्जिकल स्ट्राइक” था। और इसके साथ ही आम जनता का “फेक-एनकाउंटर” भी हो गया।”

जीत के बाद पहली बार मुस्लिमों पर ट्रंप ने दिया इतना बड़ा बयान

नई दिल्ली ( 14 नवंबर ) :अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने के बाद मुस्लिमों, अफ्रीकी अमेरिकियों और लातिनों के उत्पीड़न पर पहली बार बात की। इन समुदाय के लोगों पर उत्पीड़न से दुखी डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार सार्वजनिक रूप से लोगों से इसे रोकने के लिए कहा।
अमेरिकी एक न्यूज चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, मैं यह सुनकर बहुत दुखी हूं और मैं इसे रोकने के लिए कहता हूं। इसे रोकें।
वह हाल के दिनों में मुस्लिमों, हिस्पैनिक अमेरिकियों, अश्वेत लोगों, अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे कथित घृणा अपराधों को लेकर पूछे गए एक सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।
ट्रंप से पूछा गया कि क्या आप उन लोगों से कुछ कहना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि ऐसा न करें। यह भयानक है। मैं इस देश को एकजुट करने जा रहा हूं। राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित हुए ट्रंप ने कहा कि समाज के कुछ वर्ग उन्हें लेकर डरे हुए हैं और इसकी वजह यह है कि ये लोग उन्हें ठीक से नहीं जानते हैं। ट्रंप ने उन लोगों से कहा कि वे डरें नहीं।
उनसे पूछा गया कि लोगों के प्रदर्शन को लेकर आपको क्या लगता है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कुछ मामलों में, प्रदर्शनकारी पेशेवर होते हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर हिलेरी जीतीं होतीं और मेरे लोग बाहर प्रदर्शन करते तो हर कोई कहता कि ओह, यह खराब चीज है। यह बहुत अलग दृष्टिकोण होता। आप जानते हैं कि यहां दोहरा मानक है।