अब नोट बदलवाने वालों की उंगली पर लगेगी स्याही, बार-बार बदलने वाले हैं भ्रष्टाचारी

पुराने नोट बदलने और एटीएम से पैसे निकालने में आ रही दिक्कतों के बीच सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में नकदी की कोई कमी नहीं है.
आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग कर बताया कि नोटबंदी के बाद बार-बार बैंक में पैसा बदलवाने के लिए पहुंच रहे लोगों के खिलाफ अब सरकार ने कार्रवाई करने का फैसला किया है.
उन्होंने बताया कि बार-बार पैसे बदलने आ रहे लोगों की अब पहचान की जाएगी. इसके अलावा काला धन जमा कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
प्रेस ब्रीफिंग की बड़ी बातें:-
बार-बार नोट बदलने वालों पर कार्रवाई होगी. ऐसे लोगों की वजह से लंबी कतारें लग रही हैं.
कैश लेने वालों की उंगली पर मतदान की तरह निशान लगेगा. आज से बड़े शहरों में स्याही वाली व्यवस्था शुरू हो रही है.
जन-धन खाते में किसी और का पैसा न डालें. ऐसे खाते पर सरकार पैनी नजर रख रही है. इनमें काला धन आने पर कार्रवाई होगी.
जन-धन खाते में जमा की जाने वाली राशि की सीमा तय की गई. अब केवल 50 हजार ही जमा होंगे. वैध पैसा जमा करने वालों को कोई असुविधा नहीं होगी.
नया नोट थोड़ा रंग छोड़ सकता है. नया नोट अगर रंग नहीं छोड़ रहा है तो जाली नोट का संकेत है.
देश में नमक की कोई कमी नहीं. सोशल मीडिया पर गलत तस्वीरें डाली जा रही हैं. लोग अफवाहों पर ध्यान ना दें.
कर्मचारियों की हड़ताल की बात झूठी.
सरकारी अस्पताल पुराने नोट लेंगे.
शादी में शगुन के लिए चेक का इस्तेमाल करें.
धार्मिक स्थानों से अपील है कि वो चढ़ावे के तौर पर चढ़ने वाले छोटे नोटों को तत्काल बैंकों में जमा कराएं ताकि करेंसी की मात्रा बढ़े.
देश में नकदी की कोई कमी नहीं. ब्रांच पोस्ट ऑफिसों और जिला सहकारी बैंकों में नकदी की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है.









on Tuesday, 15 November 2016 | A comment?

नोट बदलने बैंक पहुंचीं हीराबेन, कांग्रेस बोली- पीएम ने मां को भी लाइन में लगा दिया update @ 2:40

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मंगलवार को नोट बदलवाने के लिए बैंक पहुंची। गुजरात के गांधीनगर के ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में वह करीब 4500 रुपए जमा कराने पहुंची।  उन्होंने बकायदा लाइन में लगकर नोट बदलवाएं। इस दौरान बैंक में सीनियर सिटिजन को मिलने वाली सुविधा दी गई। बताते चलें कि हीराबेन की उम्र 97 साल है और उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत होती है।

अगर आपके पास भी ज्यादा गहने और संपत्ति, तो जरूर पढ़िए ये खबर

500 और 1000 का नोट बंद होने के बाद से हर तरफ एक ही चर्चा हो रही है कि लोग अपना काले धन को ठिकाने कैसे लगा रहे हैं। संपत्ति और सोना खरीदकर काला धन ठिकाने लगाने वालों पर एक मैसेज वायरल हो रहा है दावा है कि ना संपत्ति उन्हें बचा पाएगी और ना सोना। आगे पढ़िए
सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज में के जरिए दावा कुछ ऐसा है कि अब आप 2 से ज्यादा प्रॉपर्टी नहीं रख पाएंगे, मतलब अगर आपके पास तीन प्रॉपर्टी है तो आप मुश्किल में पड़ने वाले हैं। 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद से बिल्कुल नया मैसेज लोगों को बेचैन कर रहा है। ये मैसेज चेतावनी दे रहा है और डरा रहा है।
– अगर आपके पास एक शहर या जिले में 2 मकान या प्लॉट हैं तो आप कोई 2 ही रख सकते हैं। 2 रजिस्ट्री ही मान्य होगी। दोनों में बिजली कनेक्शन लेना जरूरी होगा। 2 से ज्यादा बिजली कनेक्शन नहीं मिलेगा औऱ अब 2 से ज्यादा प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री भी नहीं होगी। अगर दो नंबर प्रॉपर्टी खरीदी है तो सावधान। आगे से एक नंबर का काम करें। मकान या प्लॉट अगर दो से ज्यादा हो तो आज ही जरूरतमंद को बेचे दें।
– चेतावनी सिर्फ प्रॉपर्टी वालों के लिए नहीं है जो लोग सोना खरीद रहे हैं उनके लिए भी हैं। दावा है कि भारत सरकार सोना खरीदने और रखने वालों के लिए नया कानून ले आई है।
– अगर आपके पास गहने या सोने के बिस्किट हैं या किसी दूसरे रूप में सोना है तो 25 नवंबर से सोना खरीदने एवं रखने वालों के लिए सोने का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। 25 नवंबर से 31 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हैं। 3
– लाख तक के गहने पर रजिस्ट्रेशन फ्री होगा और इससे ज्यादा के गहनों पर टैक्स लगेगा। और अगर इसके बाद कोई व्यक्ति बिना रजिस्ट्रेशन वाला सोना रखता है तो वो सरकारी खजाने में जब्त कर लिया जाएगा और जुर्माना भी वसूला जाएगा।
दावे कई सारे हैं और चौंकाने वाले हैं लेकिन सवाल ये है कि ये दावे कितने सच्चे हैं। सबसे पहले बात करते हैं 2 से ज्यादा घर की रजिस्ट्री ना होने वाले दावे की। दरअसल 2 से ज्यादा घर ना होने की चेतावनी देने वाला ये मैसेज बेनामी संपत्ति के मुद्दे से जुड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया है कि अगला निशाना बेनामी संपत्ति रखने वालों पर होगा।
बेनामी संपत्ति यानि वो लोग जिन्होंने अपने पैसे से किसी और के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी है और इस पैसे के बारे में आयकर विभाग को कोई जानकारी नहीं है। बेनामी एक्ट एक नवंबर से लागू हो चुका है जो तमाम बेनामी लेन-देन पर रोक लगाएगा।
इसमें सात साल की सजा का प्रावधान है और इस काम में साथ देने वालों को जुर्माना भरना पड़ेगा। इस एक्ट में वो प्रॉप्रटी बेनामी मानी जाएगी जो किसी के नाम पर हो लेकिन उसके लिए पैसे किसी दूसरे ने भरे हों।
नोएडा में विक्ट्री वन ग्रुप के निदेशक सुधीर अग्रवाल ने हमें बताया कि पैसा अगर सफेद यानि आपकी मेहनत का है तो आप उससे एक या दस मकान खरीद सकते हैं डरे वों तो जिन्होंने बेनाम संपत्ति बनाई है। प्रॉपर्टी के मैसेज का पेंच तो खुल गया।
ये एसोसिएशन देश भर के ज्वेलर्स की सबसे बड़ी संस्था है। उन्होंने हमें बताया ऐसा कोई नियम नहीं है गृहिणी कितना भी सोना रखें कोई दिक्कत नहीं लेकिन उसका बिल होना चाहिए।
इसलिए हमारी पड़ताल में प्रॉपर्टी और सोने की खरीद के रजिस्ट्रेशन को लेकर किए जा रहे दोनों ही दावे झूठे साबित हुए हैं।
गहनों के रजिस्ट्रेशन वाले दावे की। दावे का सच जानने के लिए हमने बुलियन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष एस के गोयल से बात की।

on Monday, 14 November 2016 | A comment?

मोदी के फैसले से नाखुश पूर्व गवर्नर राजन, नोटबंदी पर दिया यह बड़ा बयान

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर रात 12 बजे से 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा की। पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में बताया कि जिन लोगों के पास 500 और 1000 के नोट हैं वो उन्हें बैंकों और डाकघरों में 30 दिसंबर तक बदल सकते हैं।
नोटबंदी के बाद आम लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। विपक्षी पार्टियों, आर्थिक जानकारों सहित सोशल मीडिया पर बहुत से आम लोग भी पीएम मोदी के फैसले की अालोचना कर रहे हैं। इन अालोचना करने वालों में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी शामिल हैं। मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार रघुराम राजन विमुद्रीकरण के पक्ष में नहीं थे लेकिन पीएम मोदी को कुछ अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों का समर्थन हासिल था जिसकी वजह से उन्होंने ये बड़ा फैसला ले लिया।
राजन इससे पहले भी विमुद्रीकरण को लेकर अपनी आशंकाएं सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर चुके हैं। साल 2014 में उन्होंने इस पर अपनी राय रखते हुए कहा था, “चालाक लोग इससे बचने का रास्ता निकाल लेंगे।” राजन के अनुसार इससे बचने का एक तरीका ये हो सकता है कि जिन लोगों ने बड़े नोट इकट्ठे कर रखे हैं वो उन्हें छोटे नोटों में बदल लें जिससे उन्हें बदलना आसान हो जाएगा। राजन मानते हैं कि विमुद्रीकरण किए जाने पर कालाधन रखने वाले बड़े नोटों से सोना खरीद सकते हैं जिसे पकड़ना और मुश्किल हो जाएगा।
अमरीका में 39% तक लगता है कर
राजन के अनुसार सरकार को विमुद्रीकरण के बजाय भारतीय कर व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। राजन ने बताया कि “अमरीका में अधिक आय वालों पर 39 प्रतिशत तक कर लगता है, इसके अलावा वहां के राज्य भी अलग से टैक्स लगाते हैं। जबकि भारत में ये दर अधिकतम 33 प्रतिशत है।” राजन ने कहा था, “हमारे यहां टैक्स कई औद्योगिक देशों से कम है।”
कालेधन वालों पर राजन ने कहा
कालाधन जमा करने वालों पर बोलते हुए राजन ने कहा था, “मैं लेन-देन पर ज्यादा निगरानी रखने और जहां लोग अपनी आय घोषित नहीं कर रहे हैं वहां बेहतर कर प्रबंधन पर जोर देता है। मेरे ख्याल से आधुनिक अर्थव्यवस्था में पैसे छिपाना आसान नहीं है।” कालेधन पर रोक लगाने का कौन सा उपाय सही है ये तो विशेषज्ञ जानें लेकिन इतना तो साफ है कि पीएम मोदी और राजन के बीच इसको लेकर भी गहरे मतभेद थे। मीडिया में खबरों के अनुसार नरेंद्र मोदी ने रघुराम राजन को गवर्नर के रूप में सेवा विस्तार नहीं दिया था। राजन ने साफ कहा था कि उन्हें अपना काम पूरा करने के लिए एक साल का समय और चाहिए लेकिन मोदी सरकार ने उनकी जगह उनके डिप्टी उर्जित पटेल को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का नया गवर्नर बना दिया था।