अब Airtel के सारे नंबर होंगे बंद

INDIA की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बड़े कर्जे में डूबने वाली है। अगर ऐसा हुआ तो कंपनी को सारी सर्विस बंद करनी पड़ेगी।भारतीय एयरटेल कंपनी द्वारा स्पेक्ट्रम खरीने के चलते दो अरब डॉलर (करीब 13,300 करोड़ रुपए) तक का कर्ज बढ़ सकता है। लेकिन परिचालन और कार्यविधियों के मौद्रीकरण से मिलने वाले नकदी प्रवाह से इस स्तर में अगले छह-बारह महीनों में कमी आने की उम्मीद है। यह जानकारी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने अपनी एक रिपोर्ट में दी।
देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने हाल में खत्म हुई स्पेक्ट्रम नीलामी में 14,244 करोड़ रुपए में 173.8 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम खरीदा है। उसने 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज और 2300 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम खरीदा है और अब उसके पास सभी सर्किलों में 3जी और 4जी स्पेक्ट्रम है।


मूडीज के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ रिण अधिकारी एन्नालिसा डिचियारा ने कहा कि स्पेक्ट्रम की कीमत अदा करने के लिए एयरटेल का कर्ज यद्यपि दो अरब डॉलर बढ़ जाएगा लेकिन यह लघु अवधि में ही सामान्य हो जाएगा क्योंकि परिचालन और कार्यविधियों के मौद्रीकरण से मिलने वाले नकदी प्रवाह से अगले छह से बारह महीनों में उसके रिण स्तर में कमी आने की उम्मीद है।
मूडीज का मानना है कि कंपनी स्पेक्ट्रम के लिए टुकड़ों में 12 महीनों में भुगतान का विकल्प चुनेगी। इसमें उसे 50 प्रतिशत धन पहले चुकाना होगा जो 7,100 करोड़ रुपए बनता है। इसकी व्यवस्था मुख्यत: रिण से की जाएगी। बाकी धन 10 वार्षिक किस्तों में चुकाया जाना है। भारतीय इन्फ्राटेल का शेयरों के हिसाब से बाजार मूल्य 11 अक्तूबर को 69,800 करोड़ रुपए था। इसमें भारती की हिस्सेदारी का बाजार मूल्य 50,200 करोड़ रुपए (7.5 अरब डालर) बनता है।

on Tuesday, 15 November 2016 | , , | A comment?

अब नोट बदलवाने वालों की उंगली पर लगेगी स्याही, बार-बार बदलने वाले हैं भ्रष्टाचारी

पुराने नोट बदलने और एटीएम से पैसे निकालने में आ रही दिक्कतों के बीच सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में नकदी की कोई कमी नहीं है.
आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग कर बताया कि नोटबंदी के बाद बार-बार बैंक में पैसा बदलवाने के लिए पहुंच रहे लोगों के खिलाफ अब सरकार ने कार्रवाई करने का फैसला किया है.
उन्होंने बताया कि बार-बार पैसे बदलने आ रहे लोगों की अब पहचान की जाएगी. इसके अलावा काला धन जमा कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
प्रेस ब्रीफिंग की बड़ी बातें:-
बार-बार नोट बदलने वालों पर कार्रवाई होगी. ऐसे लोगों की वजह से लंबी कतारें लग रही हैं.
कैश लेने वालों की उंगली पर मतदान की तरह निशान लगेगा. आज से बड़े शहरों में स्याही वाली व्यवस्था शुरू हो रही है.
जन-धन खाते में किसी और का पैसा न डालें. ऐसे खाते पर सरकार पैनी नजर रख रही है. इनमें काला धन आने पर कार्रवाई होगी.
जन-धन खाते में जमा की जाने वाली राशि की सीमा तय की गई. अब केवल 50 हजार ही जमा होंगे. वैध पैसा जमा करने वालों को कोई असुविधा नहीं होगी.
नया नोट थोड़ा रंग छोड़ सकता है. नया नोट अगर रंग नहीं छोड़ रहा है तो जाली नोट का संकेत है.
देश में नमक की कोई कमी नहीं. सोशल मीडिया पर गलत तस्वीरें डाली जा रही हैं. लोग अफवाहों पर ध्यान ना दें.
कर्मचारियों की हड़ताल की बात झूठी.
सरकारी अस्पताल पुराने नोट लेंगे.
शादी में शगुन के लिए चेक का इस्तेमाल करें.
धार्मिक स्थानों से अपील है कि वो चढ़ावे के तौर पर चढ़ने वाले छोटे नोटों को तत्काल बैंकों में जमा कराएं ताकि करेंसी की मात्रा बढ़े.
देश में नकदी की कोई कमी नहीं. ब्रांच पोस्ट ऑफिसों और जिला सहकारी बैंकों में नकदी की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है.









नोट बदलने बैंक पहुंचीं हीराबेन, कांग्रेस बोली- पीएम ने मां को भी लाइन में लगा दिया update @ 2:40

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मंगलवार को नोट बदलवाने के लिए बैंक पहुंची। गुजरात के गांधीनगर के ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में वह करीब 4500 रुपए जमा कराने पहुंची।  उन्होंने बकायदा लाइन में लगकर नोट बदलवाएं। इस दौरान बैंक में सीनियर सिटिजन को मिलने वाली सुविधा दी गई। बताते चलें कि हीराबेन की उम्र 97 साल है और उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत होती है।

अगर आपके पास भी ज्यादा गहने और संपत्ति, तो जरूर पढ़िए ये खबर

500 और 1000 का नोट बंद होने के बाद से हर तरफ एक ही चर्चा हो रही है कि लोग अपना काले धन को ठिकाने कैसे लगा रहे हैं। संपत्ति और सोना खरीदकर काला धन ठिकाने लगाने वालों पर एक मैसेज वायरल हो रहा है दावा है कि ना संपत्ति उन्हें बचा पाएगी और ना सोना। आगे पढ़िए
सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज में के जरिए दावा कुछ ऐसा है कि अब आप 2 से ज्यादा प्रॉपर्टी नहीं रख पाएंगे, मतलब अगर आपके पास तीन प्रॉपर्टी है तो आप मुश्किल में पड़ने वाले हैं। 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद से बिल्कुल नया मैसेज लोगों को बेचैन कर रहा है। ये मैसेज चेतावनी दे रहा है और डरा रहा है।
– अगर आपके पास एक शहर या जिले में 2 मकान या प्लॉट हैं तो आप कोई 2 ही रख सकते हैं। 2 रजिस्ट्री ही मान्य होगी। दोनों में बिजली कनेक्शन लेना जरूरी होगा। 2 से ज्यादा बिजली कनेक्शन नहीं मिलेगा औऱ अब 2 से ज्यादा प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री भी नहीं होगी। अगर दो नंबर प्रॉपर्टी खरीदी है तो सावधान। आगे से एक नंबर का काम करें। मकान या प्लॉट अगर दो से ज्यादा हो तो आज ही जरूरतमंद को बेचे दें।
– चेतावनी सिर्फ प्रॉपर्टी वालों के लिए नहीं है जो लोग सोना खरीद रहे हैं उनके लिए भी हैं। दावा है कि भारत सरकार सोना खरीदने और रखने वालों के लिए नया कानून ले आई है।
– अगर आपके पास गहने या सोने के बिस्किट हैं या किसी दूसरे रूप में सोना है तो 25 नवंबर से सोना खरीदने एवं रखने वालों के लिए सोने का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। 25 नवंबर से 31 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हैं। 3
– लाख तक के गहने पर रजिस्ट्रेशन फ्री होगा और इससे ज्यादा के गहनों पर टैक्स लगेगा। और अगर इसके बाद कोई व्यक्ति बिना रजिस्ट्रेशन वाला सोना रखता है तो वो सरकारी खजाने में जब्त कर लिया जाएगा और जुर्माना भी वसूला जाएगा।
दावे कई सारे हैं और चौंकाने वाले हैं लेकिन सवाल ये है कि ये दावे कितने सच्चे हैं। सबसे पहले बात करते हैं 2 से ज्यादा घर की रजिस्ट्री ना होने वाले दावे की। दरअसल 2 से ज्यादा घर ना होने की चेतावनी देने वाला ये मैसेज बेनामी संपत्ति के मुद्दे से जुड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया है कि अगला निशाना बेनामी संपत्ति रखने वालों पर होगा।
बेनामी संपत्ति यानि वो लोग जिन्होंने अपने पैसे से किसी और के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी है और इस पैसे के बारे में आयकर विभाग को कोई जानकारी नहीं है। बेनामी एक्ट एक नवंबर से लागू हो चुका है जो तमाम बेनामी लेन-देन पर रोक लगाएगा।
इसमें सात साल की सजा का प्रावधान है और इस काम में साथ देने वालों को जुर्माना भरना पड़ेगा। इस एक्ट में वो प्रॉप्रटी बेनामी मानी जाएगी जो किसी के नाम पर हो लेकिन उसके लिए पैसे किसी दूसरे ने भरे हों।
नोएडा में विक्ट्री वन ग्रुप के निदेशक सुधीर अग्रवाल ने हमें बताया कि पैसा अगर सफेद यानि आपकी मेहनत का है तो आप उससे एक या दस मकान खरीद सकते हैं डरे वों तो जिन्होंने बेनाम संपत्ति बनाई है। प्रॉपर्टी के मैसेज का पेंच तो खुल गया।
ये एसोसिएशन देश भर के ज्वेलर्स की सबसे बड़ी संस्था है। उन्होंने हमें बताया ऐसा कोई नियम नहीं है गृहिणी कितना भी सोना रखें कोई दिक्कत नहीं लेकिन उसका बिल होना चाहिए।
इसलिए हमारी पड़ताल में प्रॉपर्टी और सोने की खरीद के रजिस्ट्रेशन को लेकर किए जा रहे दोनों ही दावे झूठे साबित हुए हैं।
गहनों के रजिस्ट्रेशन वाले दावे की। दावे का सच जानने के लिए हमने बुलियन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष एस के गोयल से बात की।

on Monday, 14 November 2016 | A comment?