दुखद: भारतीय जवान का सिर कट कर ले गए पाक सैनिक।

श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एलओसी के साथ सटे मच्छल सेक्टर में शुक्रवार को पाकिस्तानी सेना, अल-बदर और जैश के संयुक्त बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) दस्ते के हमले में सेना का जवान शहीद हो गया। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी भी मारा गया, लेकिन अन्य आतंकी वापस भाग निकले।
जाते हुए वे शहीद सैन्यकर्मी के शव को अंग-भंग कर गए। हालांकि सूत्रों ने आतंकियों द्वारा शहीद जवान का सिर काटे जाने का दावा किया है, लेकिन रक्षा मंत्रालय ने इस पर कुछ भी कहने से इन्कार करते हुए सिर्फ शव के अंग भंग करने की पुष्टि की है।
शहीद जवान की पहचान 17 आरआर (17 सिख रेजिमेंट) के राइफलमैन मंदीप सिंह के रूप में हुई है। इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस बर्बरता पर पाकिस्तान सरकार से विरोध जताया है। गौरतलब है कि आठ जनवरी 2013 को पाकिस्तानी सेना राजपूत राइफल्स के जवान हेमराज का सिर काट ले गई थी।
पाकिस्तानी सेना की निगरानी में हमला मच्छल सेक्टर के अंतर्गत बज्जर इलाके में बिल्कुल एलओसी पर देर शाम हुआ। जवानों का एक दल गश्त करते हुए अग्रिम चौकी की तरफ जा रहा था। तभी झाड़ियों में घात लगाकर बैठे पाकिस्तानी सेना के बैट दस्ते ने हमला कर दिया। इससे एक जवान शहीद हो गया।
अन्य जवानों ने जवाबी फायर किया। इसमें एक आतंकी मारा गया। इस दौरान सीमा पार पाकिस्तान से भारतीय चौकियों पर गोलाबारी शुरू हो गई। 24 घंटे के भीतर भारतीय सरहद में घुसकर किया गया यह बैट का तीसरा हमला है। गत गुुरुवार को भी बैट दस्ते ने मच्छल के साथ सटे टंगडार सेक्टर में गोंडा पोस्ट के इलाके में सैन्य गश्तीदल पर हमला किया था।


सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने दावा किया है उसने हफ्ते भर में जवाबी कार्रवाई करते हुए सीमापार 15 पाकिस्तानी रेंजर्स को मार गिराया है। बीएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर लगातार हो रहे संघर्षविराम उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।
अरुण कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी सेना भी मोर्चे पर आ गई है और रेंजर्स के साथ मिलकर गोलाबारी कर रही है। पाकिस्तान सेना द्वारा इस्तेमाल किया गया गोला-बारूद इसका सुबूत है।

दो नागरिकों की मौत

सीमा पर शुक्रवार को भारतीय चौकियों व रिहायशी इलाकों पर पाकिस्तान की भारी गोलाबारी में पुंछ में एक महिला व अखनूर में एक किशोर की भी जान चली गई।
बता दें कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 50 से अधिक भारतीय चौकियों को निशाना बनाते हुए 82 एमएम व 120 एमएम के बड़े मोर्टार दाग रहा है। सीमा सुरक्षा बल ने भी पाक की गोलाबारी का करारा जवाब दिया। इसमें पाकिस्तानी इलाके में काफी नुकसान हुआ है।

on Friday, 28 October 2016 | | A comment?

शर्मनाक: पैरों में गिड़गिड़ाती रही महिला और हंसते रहे कांग्रेसी सीएम हरीश रावत , उड़ाया मजाक। तश्वीर हुए वायरल

हल्द्वानी, 28 अक्टूबर। उत्तराखंड के हल्द्वानी में भरी सभा में एक महिला मदद की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत के पैरों में गिर गई। कुर्सी पर बैठे सीएम रावत महिला को देखकर हंसते रहे उनका ये हंसता चेहरा मानो देश में सरकारों और जनता के रिश्ते की हकीकत बयां कर रहा था। दरअसल यह महिला वन भूमि की पेच के कारण स्कूलों को ग्रांट न मिलने से आहत थी


यह मामला तब का है जब एफटीआई ग्राउंड में मुख्यमंत्री हरीश रावत आण काथ क्विज प्रतियोगिता देख रहे थे। तभी बिंदुखत्ता निवासी उमा पांडे अचानक मुख्यमंत्री रावत के पास पहुंची और उनके पैरों पर सिर रखकर रोने लगी।
आगे जानें आखिर क्यों महिला ने पकड़े सीएम के पैर
उस महिला का सिर्फ यही कहना था कि बिंदुखत्ता में आदर्श इंटर कॉलेज, जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हाट कालिका इंटर कालेज, चित्रकूट उच्चतर माध्यमिक स्कूल, दानू मांटेसरी स्कूल, मानवता उच्चतर माध्यमिक स्कूल को अनुदान नहीं मिल रहा है।
उसने बताया कि पिछले 13 साल से पांच हजार रुपए के मानदेय पर हाट कालिका इंटर कॉलेज में काम कर रही हैं। उसने ये भी बताया कि वन विभाग के पेच के कारण सरकारी ग्रांट नहीं मिल पा रही है, जबकि अन्य कई भवन बने और वन विभाग का पेच हट गया। कहा कि स्थानीय विधायक एवं श्रम मंत्री हरीश दुर्गापाल तो वोट मांगने के समय हाथ जोड़कर दिखते हैं। उमा काफी देर तक सीएम रावत के पांव पकड़े रहीं। जिसके बाद महिला को हटाने के लिए महिला पुलिस कर्मियों ने काफी प्रयास किया लेकिन असफल रहीं।
सोशल मीडिया ये फोटो वायरल हो रही हैं और लोग सीएम रावत की निंदा कर रहे हैं।
आगे लोगों ने कुछ यूं सोशल मीडिया पर निकाला हरीश रावत पर गुस्सा

"ऐ दिल है मुश्किल" देखने आये दर्शको में आ गयी देशभक्ति, फिल्म छोड़ हुए प्रदर्शन में शामिल



ये खबर बड़ी ही भावुक है, और पटना से है

आज करण जोहर की फिल्म "ऐ दिल है मुश्किल" देशभर के सिनेमाघरो में रिलीज हुई, आप तो जानते ही है की भारत में सेक्युलरो की कमी नहीं जिन्हें किसी चीज से मतलब नहीं
वहीँ भारत में  एक्टिव देशभक्तो की तो भारी कमी hai.


पटना में आज एक अजब नजारा देखने को मिला, सुबह से ही "ऐ दिल है मुश्किल" सिनेमाघरो में लग गयी, "ऐ दिल है मुश्किल" का विरोध करने केवल 3  युवक की सिनेमाघरो के सामने आये थे

ये बिचारे 3 देशभक्त पाकिस्तान परस्त  बॉलीवुड और फ़िल्मबाजों का विरोध कर रहे थे, "ऐ दिल है मुश्किल" देखने के लिए बहुत से सेक्युलर आ रहे थे, परंतु इसी बीच एक अच्छी घटना घटी

हुआ ये की इन 3 देशभक्तो को पाकिस्तान परस्तों के खिलाफ प्रदर्शन करता देख वो लोग भी इनके साथ शामिल हो गए जो "ऐ दिल है मुश्किल" देखने के लिए सिनेमाघर में जा रहे थे
3 देशभक्तो को देख इन सेक्युलरो में भी देशभक्ति की भावना आ ही गयी और वो फिल्म छोड़ प्रदर्शन में शामिल हो गए



3 देशभक्तो के साथ देखते ही देखते लगभग 50 लोग आ गए और उन्होंने जमकर पाकिस्तान परस्त फ़िल्मबाजों के खिलाफ नारेबाजी की और फिल्म के बहिष्कार का ऐलान किया



फिर कुछ देर बाद सभी ने पाकिस्तान परस्तों के पोस्टर भी जलाये और प्रण लिया की किसी पाकिस्तान परस्त फिल्मबाज़ की  कोई फिल्म नहीं देखेंगे
ये नजारा बहुत ही सुन्दर था, जहाँ सेक्युलर तत्वों के दिलों में भी कुछ देशभक्तो ने देशभक्ति की जोत जगा दी 

हिजाब नहीं पहनेंगी हीना सिद्धू, भारतीय शूटर का ईरान में खेलने से इनकार| दिया अपने कट्टर सनातनी होने का परिचय।

ईरान की ओर से विदेशी महिला खिलाड़ियों के लिए हिजाब (स्कार्फ) पहनकर खेलने की अनिवार्यता को भारतीय महिला शूटर ने चुनौती दे दी है। लंदन और रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली पूर्व वर्ल्ड नंबर वन पिस्टल शूटर अर्जुन अवॉर्डी हीना सिद्धू ने तेहरान में होने जा रही एशियाई एयर गन शूटिंग चैंपियनशिप में खेलने से इनकार कर दिया है।

हीना ने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया को साफ किया है कि उन्हें इस कंपटीशन में हिजाब पहनकर खेलना मंजूर नहीं है। एनआरएआई ने भी उन्हें तीन से नौ दिसंबर को होने वाली इस चैंपियनशिप में खेलने के लिए बाध्य नहीं किया है। हीना के स्थान पर इस चैंपियनशिप के लिए हरवीन सराओ का चयन कर लिया गया है। खास बात यह है कि भारतीय टीम की बाकी सभी महिला शूटर तेहरान में ईरानी नियम के मुताबिक हिजाब पहनकर शूटिंग करेंगी।

एनआरएआई ने इस चैंपियनशिप के लिए 18 सीनियर व जूनियर महिला शूटरों का चयन किया है। इस चैंपियनशिप सुमा शिरूर, हरवीन सराओ और मलायका गोयल जैसी शूटर खेलने जा रही हैं। हीना के पति और उनके कोच कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट शूटर रौनक पंडित ने अमर उजाला से खुलासा किया कि हीना को निजी तौर पर लगता है कि खेलों के लिए हिजाब पहनने की अनिवार्यता ठीक नहीं है। वह इसके लिए तैयार नहीं हैं।
दूसरे देशों के शूटर भी पहनेंगे हिजाब


रौनक का कहना है कि ईरान में प्रवेश पर किसी भी महिला का हिजाब पहनना और घुटने से नीचे तक लंबा कोट पहनना अनिवार्य है। उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन खेलों के कंपटीशन में हिजाब पहनने के नियम पर आईएसएसएफ को ध्यान देना चाहिए।

ईरान में महिलाओं के हिजाब पहनकर खेलने का दुनिया भर में विरोध शुरू हो गया है। बीते माह ही अमेरिका की ग्रैंड मास्टर नाजी पाइकिड्जे बारनेस ने अगले साल ईरान में होने वाली वर्ल्ड महिला शतरंज में खेलने से इनकार कर दिया।

एनआरएआई अध्यक्ष रणइंदर सिंह ने कहा कि सिर्फ  हीना सिद्धू को एतराज था। उनकी जगह दूसरे शूटर का चयन कर लिया गया है लेकिन बाकी सभी शूटर तेहरान में सिर, कान और मुंह ढंककर ही खेलेंगे। ईरान में हिजाब पहनना जरूरी है। ऐसा सिर्फ भारतीय शूटर ही नहीं बल्कि वहां आने वाले दूसरे देशों के शूटर भी करेंगे। यहां तक ईरान आने वाली विदेशी महिला सैलानियों को भी ऐसा करना पड़ता है। 

on Thursday, 27 October 2016 | | A comment?