घर में घुसकर छोटी बहनों के सामने बड़ी बहन से रेप, लड़की ने खुद को जिंदा जलाया
एमपी के सिवनी में इंसानियत को शर्मशार करने वाली घटना सामने आई है. यहां पर दो युवकों ने घर में घुसकर नाबालिग लड़की से उसी की बहनों के सामने रेप की वारदात को अंजाम दिया. अपने साथ हुई इस दरिंदगी के बाद पीड़िता ने खुद को जिंदा जला लिया.
बताया जा रहा है कि बरघाट थाना अंतर्गत गांव गांगपुर निवासी पीड़िता के परिजन बाहर गए हुए थे. घर में नाबालिग बहनें अपनी एक और छोटी बहन के साथ अकेली थीं.
इस बीच अचानक धारनाकला निवासी दो युवक लड़कियों के घर में जबरन घुस गए और बहनों के साथ छेड़छाड़ करने लगे. विरोध करने पर भी आरोपी पीछे नहीं हटे और नाबालिग बहनों में से सबसे बड़ी बहन से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे दिया.
वारदात की भनक लगते ही ग्रामीण घर के सामने इकट्ठा हो गए और घटना की जानकारी तुंरत 100 डायल वाहन को दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मकान का दरवाजा जबरन खोलते हुए दोनों आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद उन्हें बरघाट थाना ले जाया गया.
इस बीच घटना से आहत रेप पीड़िता ने खुद को आग लगा ली. लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही वो कुएं में कूद गई. इस घटना में लड़की की मौके पर ही मौत हो गई.
बरघाट पुलिस ने फिलहाल आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है
बताया जा रहा है कि बरघाट थाना अंतर्गत गांव गांगपुर निवासी पीड़िता के परिजन बाहर गए हुए थे. घर में नाबालिग बहनें अपनी एक और छोटी बहन के साथ अकेली थीं.
इस बीच अचानक धारनाकला निवासी दो युवक लड़कियों के घर में जबरन घुस गए और बहनों के साथ छेड़छाड़ करने लगे. विरोध करने पर भी आरोपी पीछे नहीं हटे और नाबालिग बहनों में से सबसे बड़ी बहन से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे दिया.
वारदात की भनक लगते ही ग्रामीण घर के सामने इकट्ठा हो गए और घटना की जानकारी तुंरत 100 डायल वाहन को दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मकान का दरवाजा जबरन खोलते हुए दोनों आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद उन्हें बरघाट थाना ले जाया गया.
इस बीच घटना से आहत रेप पीड़िता ने खुद को आग लगा ली. लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही वो कुएं में कूद गई. इस घटना में लड़की की मौके पर ही मौत हो गई.
बरघाट पुलिस ने फिलहाल आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है
on Thursday, 10 November 2016
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500, 1000 के नोट पर बैन के बाद बढ़ गया जीबी रोड के कोठों का 'कारोबार'
नई दिल्ली। पुराने नोट बंद होने से जीबी रोड के कोठों का 'कारोबार' बढ़ गया है। यहां का व्यापार नोट बंद होने के बाद से कई गुना महंगा हो गया है। दरअसल जिन कोठों पर देह व्यापार के 200-250 रुपये चार्ज होते हैं, उन पर पिछले दो दिनों से 500 और 1000 के नोट देने पर बाकी रुपयों की वापसी नहीं है।
वहीं, मुजरा और महंगा पड़ रहा है। मुजरे पर लुटाने के लिए 10-20 के नोटों की गड्डियां कम पड़ रही हैं। आमतौर पर छोटे नोटों की गड्डियां कोठा संचालक ही ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं, लेकिन खुल्लों की मौजूदा किल्लत के चलते 10 के नोट वाली हजार रुपये की गड्डी पांच हजार रुपये में बिक रही है। ये अलग बात है कि 'शौकीन' लोग अभी भी गड्डियां खरीदने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।
वहीं, मुजरा और महंगा पड़ रहा है। मुजरे पर लुटाने के लिए 10-20 के नोटों की गड्डियां कम पड़ रही हैं। आमतौर पर छोटे नोटों की गड्डियां कोठा संचालक ही ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं, लेकिन खुल्लों की मौजूदा किल्लत के चलते 10 के नोट वाली हजार रुपये की गड्डी पांच हजार रुपये में बिक रही है। ये अलग बात है कि 'शौकीन' लोग अभी भी गड्डियां खरीदने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।
दूसरी ओर जिन कोठों पर देह व्यापार का 'चार्ज' 250 रुपये फिक्स है, वहां 500 और 1000 के नोट पर वापसी नहीं है। इस बारे में कोठा संचालक कस्टमर्स को पहले ही बता रहे हैं कि, या खुल्ले नोट लाएं या वापसी की उम्मीद न करें।
-सांकेतिक तस्वीर।
500, 1000 के नोट पर बैन के बाद बढ़ गया जीबी रोड के कोठों का 'कारोबार'
नई दिल्ली। पुराने नोट बंद होने से जीबी रोड के कोठों का 'कारोबार' बढ़ गया है। यहां का व्यापार नोट बंद होने के बाद से कई गुना महंगा हो गया है। दरअसल जिन कोठों पर देह व्यापार के 200-250 रुपये चार्ज होते हैं, उन पर पिछले दो दिनों से 500 और 1000 के नोट देने पर बाकी रुपयों की वापसी नहीं है।
वहीं, मुजरा और महंगा पड़ रहा है। मुजरे पर लुटाने के लिए 10-20 के नोटों की गड्डियां कम पड़ रही हैं। आमतौर पर छोटे नोटों की गड्डियां कोठा संचालक ही ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं, लेकिन खुल्लों की मौजूदा किल्लत के चलते 10 के नोट वाली हजार रुपये की गड्डी पांच हजार रुपये में बिक रही है। ये अलग बात है कि 'शौकीन' लोग अभी भी गड्डियां खरीदने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।
नवभारतटाइम्स के मुताबिक एक एनजीओ के अनुसार, वैसे तो जीबी रोड के ज्यादातर कोठों पर मुजरा बंद हो चुका है, हालांकि किसी जमाने में कोठों की शुरुआत मुजरा करने की इजाजत से हुई थी, जिसकी आड़ में बाद में देह व्यापार होने लगा और मुजरा बंद होता गया। फिलहाल एक-दो कोठे ही ऐसे हैं, जिनमें मुजरे के नाम पर अब भी डांस वगैरह होता है। वहां ज्यादातर पुराने और शौकीन कस्टमर्स ही पहुंचते हैं, क्योंकि ये शौक नोट लुटाने के चलने के चलते महंगा पड़ता है।
दूसरी ओर जिन कोठों पर देह व्यापार का 'चार्ज' 250 रुपये फिक्स है, वहां 500 और 1000 के नोट पर वापसी नहीं है। इस बारे में कोठा संचालक कस्टमर्स को पहले ही बता रहे हैं कि, या खुल्ले नोट लाएं या वापसी की उम्मीद न करें।
-सांकेतिक तस्वीर।
वहीं, मुजरा और महंगा पड़ रहा है। मुजरे पर लुटाने के लिए 10-20 के नोटों की गड्डियां कम पड़ रही हैं। आमतौर पर छोटे नोटों की गड्डियां कोठा संचालक ही ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं, लेकिन खुल्लों की मौजूदा किल्लत के चलते 10 के नोट वाली हजार रुपये की गड्डी पांच हजार रुपये में बिक रही है। ये अलग बात है कि 'शौकीन' लोग अभी भी गड्डियां खरीदने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।
नवभारतटाइम्स के मुताबिक एक एनजीओ के अनुसार, वैसे तो जीबी रोड के ज्यादातर कोठों पर मुजरा बंद हो चुका है, हालांकि किसी जमाने में कोठों की शुरुआत मुजरा करने की इजाजत से हुई थी, जिसकी आड़ में बाद में देह व्यापार होने लगा और मुजरा बंद होता गया। फिलहाल एक-दो कोठे ही ऐसे हैं, जिनमें मुजरे के नाम पर अब भी डांस वगैरह होता है। वहां ज्यादातर पुराने और शौकीन कस्टमर्स ही पहुंचते हैं, क्योंकि ये शौक नोट लुटाने के चलने के चलते महंगा पड़ता है।
दूसरी ओर जिन कोठों पर देह व्यापार का 'चार्ज' 250 रुपये फिक्स है, वहां 500 और 1000 के नोट पर वापसी नहीं है। इस बारे में कोठा संचालक कस्टमर्स को पहले ही बता रहे हैं कि, या खुल्ले नोट लाएं या वापसी की उम्मीद न करें।
-सांकेतिक तस्वीर।
अखिलेश के मंत्री हैं परेशान, कहा- मोदी ने मुझे गरीब बना दिया
बाराबंकी। देश में पुराने 500-1000 के नोट बंद होने के बाद लोग परेशान हैं। ऐसा नहीं है कि इसका असर सिर्फ गरीबों पर पड़ा है बल्कि मंत्री और विधायक भी परेशान हैं और खुद को गरीब महसूस कर रहे हैं।
दरअसल, अखिलेश सरकार के मंत्री स्वयं अपना दर्द सार्वजानिक मंच से बयान किया और उन्हें होने वाले विधानसभा चुनाव में हार का डर भी सताने लगा है। मंत्री जी ने अपना दर्द बयान करते हुए प्रधानमंत्री के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे गरीब आदमी परेशान हो जाएगा।
अखिलेश सरकार के प्राविधिक शिक्षा मंत्री फरीद महफूज किदवई ने बाराबंकी के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित बेसिक बाल क्रीड़ा एंवम सांस्कृतिक समारोह कार्यक्रम के समापन के दौरान मंच से बोलते हुए मंत्री जी ने अध्यापकों को धन्यवाद देते हुए आयोजकों से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगली बार फिर भी उन्हें कार्यक्रम में बुलाया जायेगा।
उन्होंने सार्वजनिक मंच से बोलते हुए कहा कि अब चुनाव होना है और वे चुनाव में जीतेंगे या नहीं जीतेंगे लेकिन एक उम्मीद वो रखते है कि अगर वो अगली बार मंत्री और विधायक ना भी हुए तो उन्हें कार्यक्रम में आने का न्योता दिया जायेगा।
प्रधानमंत्री द्वारा हजार और पांच सौ रुपये की नोट बंद करने के फैसले का आलोचना करते हुए मंत्री ने कहा कि मेरे पास मात्र पचास रुपये हैं जिसे लेकर वो बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम के समापन के कार्यक्रम में आए हैं।'
दरअसल, अखिलेश सरकार के मंत्री स्वयं अपना दर्द सार्वजानिक मंच से बयान किया और उन्हें होने वाले विधानसभा चुनाव में हार का डर भी सताने लगा है। मंत्री जी ने अपना दर्द बयान करते हुए प्रधानमंत्री के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे गरीब आदमी परेशान हो जाएगा।
अखिलेश सरकार के प्राविधिक शिक्षा मंत्री फरीद महफूज किदवई ने बाराबंकी के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित बेसिक बाल क्रीड़ा एंवम सांस्कृतिक समारोह कार्यक्रम के समापन के दौरान मंच से बोलते हुए मंत्री जी ने अध्यापकों को धन्यवाद देते हुए आयोजकों से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगली बार फिर भी उन्हें कार्यक्रम में बुलाया जायेगा।
उन्होंने सार्वजनिक मंच से बोलते हुए कहा कि अब चुनाव होना है और वे चुनाव में जीतेंगे या नहीं जीतेंगे लेकिन एक उम्मीद वो रखते है कि अगर वो अगली बार मंत्री और विधायक ना भी हुए तो उन्हें कार्यक्रम में आने का न्योता दिया जायेगा।
प्रधानमंत्री द्वारा हजार और पांच सौ रुपये की नोट बंद करने के फैसले का आलोचना करते हुए मंत्री ने कहा कि मेरे पास मात्र पचास रुपये हैं जिसे लेकर वो बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम के समापन के कार्यक्रम में आए हैं।'




