कांग्रेस में इस्तीफों का दौर, अमरिंदर का लोकसभा से इस्तीफा
नई दिल्ली/चंडीगढ: सतलुज-यमुना विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पंजाब की राजनीति में तूफान खड़ा हो गया है. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लोकसभा से इस्तीफा दिया. उन्होंने अपना इस्तीफा स्पीकर को भेजा दिया है. अमरिंदर अमृतसर से सांसद हैं.
इसके साथ ही कांग्रेस ने ये भी एलान किया है कि पंजाब में कांग्रेस के सभी एमएलए भी अपने पद से इस्तीफा देंगे.
आपको बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले ही ये एलान कर रखा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पंजाब के विरुद्ध जाएगा तो वे इस्तीफा दे देंगे.
सतलुज-यमुना विवाद पर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला हरियाणा के पक्ष में गया है. इससे पंजाब को झटका और गेंद केंद्र सरकार के पाले में है.
खास बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला ऐसे वक़्त आया है जब चंद महीनों में पंजाब विधानसभा के चुनाव होने हैं.
इसके साथ ही कांग्रेस ने ये भी एलान किया है कि पंजाब में कांग्रेस के सभी एमएलए भी अपने पद से इस्तीफा देंगे.
आपको बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले ही ये एलान कर रखा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पंजाब के विरुद्ध जाएगा तो वे इस्तीफा दे देंगे.
सतलुज-यमुना विवाद पर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला हरियाणा के पक्ष में गया है. इससे पंजाब को झटका और गेंद केंद्र सरकार के पाले में है.
खास बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला ऐसे वक़्त आया है जब चंद महीनों में पंजाब विधानसभा के चुनाव होने हैं.
on Thursday, 10 November 2016
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घर में घुसकर छोटी बहनों के सामने बड़ी बहन से रेप, लड़की ने खुद को जिंदा जलाया
एमपी के सिवनी में इंसानियत को शर्मशार करने वाली घटना सामने आई है. यहां पर दो युवकों ने घर में घुसकर नाबालिग लड़की से उसी की बहनों के सामने रेप की वारदात को अंजाम दिया. अपने साथ हुई इस दरिंदगी के बाद पीड़िता ने खुद को जिंदा जला लिया.
बताया जा रहा है कि बरघाट थाना अंतर्गत गांव गांगपुर निवासी पीड़िता के परिजन बाहर गए हुए थे. घर में नाबालिग बहनें अपनी एक और छोटी बहन के साथ अकेली थीं.
इस बीच अचानक धारनाकला निवासी दो युवक लड़कियों के घर में जबरन घुस गए और बहनों के साथ छेड़छाड़ करने लगे. विरोध करने पर भी आरोपी पीछे नहीं हटे और नाबालिग बहनों में से सबसे बड़ी बहन से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे दिया.
वारदात की भनक लगते ही ग्रामीण घर के सामने इकट्ठा हो गए और घटना की जानकारी तुंरत 100 डायल वाहन को दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मकान का दरवाजा जबरन खोलते हुए दोनों आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद उन्हें बरघाट थाना ले जाया गया.
इस बीच घटना से आहत रेप पीड़िता ने खुद को आग लगा ली. लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही वो कुएं में कूद गई. इस घटना में लड़की की मौके पर ही मौत हो गई.
बरघाट पुलिस ने फिलहाल आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है
बताया जा रहा है कि बरघाट थाना अंतर्गत गांव गांगपुर निवासी पीड़िता के परिजन बाहर गए हुए थे. घर में नाबालिग बहनें अपनी एक और छोटी बहन के साथ अकेली थीं.
इस बीच अचानक धारनाकला निवासी दो युवक लड़कियों के घर में जबरन घुस गए और बहनों के साथ छेड़छाड़ करने लगे. विरोध करने पर भी आरोपी पीछे नहीं हटे और नाबालिग बहनों में से सबसे बड़ी बहन से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे दिया.
वारदात की भनक लगते ही ग्रामीण घर के सामने इकट्ठा हो गए और घटना की जानकारी तुंरत 100 डायल वाहन को दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मकान का दरवाजा जबरन खोलते हुए दोनों आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद उन्हें बरघाट थाना ले जाया गया.
इस बीच घटना से आहत रेप पीड़िता ने खुद को आग लगा ली. लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही वो कुएं में कूद गई. इस घटना में लड़की की मौके पर ही मौत हो गई.
बरघाट पुलिस ने फिलहाल आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है
500, 1000 के नोट पर बैन के बाद बढ़ गया जीबी रोड के कोठों का 'कारोबार'
नई दिल्ली। पुराने नोट बंद होने से जीबी रोड के कोठों का 'कारोबार' बढ़ गया है। यहां का व्यापार नोट बंद होने के बाद से कई गुना महंगा हो गया है। दरअसल जिन कोठों पर देह व्यापार के 200-250 रुपये चार्ज होते हैं, उन पर पिछले दो दिनों से 500 और 1000 के नोट देने पर बाकी रुपयों की वापसी नहीं है।
वहीं, मुजरा और महंगा पड़ रहा है। मुजरे पर लुटाने के लिए 10-20 के नोटों की गड्डियां कम पड़ रही हैं। आमतौर पर छोटे नोटों की गड्डियां कोठा संचालक ही ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं, लेकिन खुल्लों की मौजूदा किल्लत के चलते 10 के नोट वाली हजार रुपये की गड्डी पांच हजार रुपये में बिक रही है। ये अलग बात है कि 'शौकीन' लोग अभी भी गड्डियां खरीदने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।
वहीं, मुजरा और महंगा पड़ रहा है। मुजरे पर लुटाने के लिए 10-20 के नोटों की गड्डियां कम पड़ रही हैं। आमतौर पर छोटे नोटों की गड्डियां कोठा संचालक ही ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं, लेकिन खुल्लों की मौजूदा किल्लत के चलते 10 के नोट वाली हजार रुपये की गड्डी पांच हजार रुपये में बिक रही है। ये अलग बात है कि 'शौकीन' लोग अभी भी गड्डियां खरीदने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।
दूसरी ओर जिन कोठों पर देह व्यापार का 'चार्ज' 250 रुपये फिक्स है, वहां 500 और 1000 के नोट पर वापसी नहीं है। इस बारे में कोठा संचालक कस्टमर्स को पहले ही बता रहे हैं कि, या खुल्ले नोट लाएं या वापसी की उम्मीद न करें।
-सांकेतिक तस्वीर।
500, 1000 के नोट पर बैन के बाद बढ़ गया जीबी रोड के कोठों का 'कारोबार'
नई दिल्ली। पुराने नोट बंद होने से जीबी रोड के कोठों का 'कारोबार' बढ़ गया है। यहां का व्यापार नोट बंद होने के बाद से कई गुना महंगा हो गया है। दरअसल जिन कोठों पर देह व्यापार के 200-250 रुपये चार्ज होते हैं, उन पर पिछले दो दिनों से 500 और 1000 के नोट देने पर बाकी रुपयों की वापसी नहीं है।
वहीं, मुजरा और महंगा पड़ रहा है। मुजरे पर लुटाने के लिए 10-20 के नोटों की गड्डियां कम पड़ रही हैं। आमतौर पर छोटे नोटों की गड्डियां कोठा संचालक ही ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं, लेकिन खुल्लों की मौजूदा किल्लत के चलते 10 के नोट वाली हजार रुपये की गड्डी पांच हजार रुपये में बिक रही है। ये अलग बात है कि 'शौकीन' लोग अभी भी गड्डियां खरीदने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।
नवभारतटाइम्स के मुताबिक एक एनजीओ के अनुसार, वैसे तो जीबी रोड के ज्यादातर कोठों पर मुजरा बंद हो चुका है, हालांकि किसी जमाने में कोठों की शुरुआत मुजरा करने की इजाजत से हुई थी, जिसकी आड़ में बाद में देह व्यापार होने लगा और मुजरा बंद होता गया। फिलहाल एक-दो कोठे ही ऐसे हैं, जिनमें मुजरे के नाम पर अब भी डांस वगैरह होता है। वहां ज्यादातर पुराने और शौकीन कस्टमर्स ही पहुंचते हैं, क्योंकि ये शौक नोट लुटाने के चलने के चलते महंगा पड़ता है।
दूसरी ओर जिन कोठों पर देह व्यापार का 'चार्ज' 250 रुपये फिक्स है, वहां 500 और 1000 के नोट पर वापसी नहीं है। इस बारे में कोठा संचालक कस्टमर्स को पहले ही बता रहे हैं कि, या खुल्ले नोट लाएं या वापसी की उम्मीद न करें।
-सांकेतिक तस्वीर।
वहीं, मुजरा और महंगा पड़ रहा है। मुजरे पर लुटाने के लिए 10-20 के नोटों की गड्डियां कम पड़ रही हैं। आमतौर पर छोटे नोटों की गड्डियां कोठा संचालक ही ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं, लेकिन खुल्लों की मौजूदा किल्लत के चलते 10 के नोट वाली हजार रुपये की गड्डी पांच हजार रुपये में बिक रही है। ये अलग बात है कि 'शौकीन' लोग अभी भी गड्डियां खरीदने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।
नवभारतटाइम्स के मुताबिक एक एनजीओ के अनुसार, वैसे तो जीबी रोड के ज्यादातर कोठों पर मुजरा बंद हो चुका है, हालांकि किसी जमाने में कोठों की शुरुआत मुजरा करने की इजाजत से हुई थी, जिसकी आड़ में बाद में देह व्यापार होने लगा और मुजरा बंद होता गया। फिलहाल एक-दो कोठे ही ऐसे हैं, जिनमें मुजरे के नाम पर अब भी डांस वगैरह होता है। वहां ज्यादातर पुराने और शौकीन कस्टमर्स ही पहुंचते हैं, क्योंकि ये शौक नोट लुटाने के चलने के चलते महंगा पड़ता है।
दूसरी ओर जिन कोठों पर देह व्यापार का 'चार्ज' 250 रुपये फिक्स है, वहां 500 और 1000 के नोट पर वापसी नहीं है। इस बारे में कोठा संचालक कस्टमर्स को पहले ही बता रहे हैं कि, या खुल्ले नोट लाएं या वापसी की उम्मीद न करें।
-सांकेतिक तस्वीर।




