मैं गरीब हूँ, मुझे पता है गरीबी क्या होती है : राहुल गाँधी
जबसे राहुल गाँधी फिरंगी देश का भ्रमण कर लौटे है कुछ नया करने की कोशिश में है। ये कोशिश कांग्रेस को सफलता दिलाने के लिए की जा रही है लेकिन राहुल गाँधी करना कुछ चाहते है पर होता कुछ और है। कुछ ऐसा ही नजारा उत्तराखंड में देखने को मिला। जब राहुल गाँधी ने अपने कुर्ते की जेब को फाड़कर उसमें हाथ डालकर लोगों को बताया देखिये ये मेरी हैसियत है। mujhe gribi pta hai
हालांकि, इसका तात्पर्य न लोग समझ पाए और न ही राहुल गाँधी इसे समझा सके। हां, राहुल गाँधी ने इस एक्टिंग के बाद कहा कि मैं गरीब हूँ। देखिये मेरी हालात, मेरे पास पैसे नहीं है। नोटबंदी के बाद से देश गरीबी की ओर अग्रसर है। mujhe gribi pta hai
राम-राम जपना, पराया माल अपना
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी कहते है अच्छे दिन आ गये। ये है अच्छे दिन। जेब में पैसा नहीं है और कहते है अच्छे दिन आ गये। सेल्फीमैन गरीबो के साथ नहीं बल्कि अमीरों के साथ सेल्फी लेते है। मुझे देखिये मैंने ये कुर्ता 500 की पहनी है, जबकि देश के पीएम 15 लाख का सूट पहनते है। इसे कहते है अच्छे दिन। पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों के लिए अच्छे दिन लाये बाकि लोगों के लिए तो बुरे दिन है। जिसे काला दिन भी कह सकते है। mujhe gribi pta hai
मैं अपने दूसरे बेटे का नाम बाबर रखूँगा: सैफ अली खान
पीएम मोदी को देश की गरीबी नहीं दिखती है वो विदेश यात्रा में मस्त रहना चाहते है। ये पैसा हम जैसे भाइयों का है। जिसका पीएम मोदी गलत इस्तेमाल कर रहे है। मुझे दुःख होता है कि किसान, देश की युवाशक्ति आत्महत्या कर रहे है। वही मोदी सरकार ऐसो-आराम में मस्त है। mujhe gribi pta hai
राहुल गाँधी ने लोगों से पूछा क्या आपके खाते में 15 लाख रूपये आ गए ? जबाब नहीं आया। तब राहुल गाँधी गुनगुनाने के लहजे में बोले राम-राम जपना, पराया माल अपना। मोदी सरकार देश की जनता को राम के नाम पर लूट रही है। जिसका जबाब जनता जनार्दन अवश्य देगी
कांग्रेस ने योजनाबद्ध तरीके से करवाया 84 दंगा: बादल
मुक्तसरः दंगों की फायलें सार्वजनिक करने के मामले के बीच मुख्यमंत्री बादल के एक ओर बयान ने मामले को और गर्मा दिया है। मुकतसर में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान बादल ने आरोप लगाते हुए कहा कि सिखों की हत्या कांग्रेस द्वारा पूरी योजनाबद्ध तरीके से करवाई गई थी। डी.यू. मामले पर बोले बादल बादल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक किताब में भगत सिंह को आतंकवादी बताए जाने की निंदा की है। बादल का कहना है कि उन्होंने अपनी जिदगी में भगत सिंह से बड़ा देश भक्त कोई भी नहीं देखा। अब सी.पी.एस बनेंगे मंत्री राज्य सरकार द्वारा 7 विधायकों को सी.पी.एस बना कर कैबिनेट में दाख़िला देने के बाद अब मुख्यमंत्री बादल अपने मंत्रीमंडल में फेरबदल करके पुराने मुख्य सचिवों को मंत्री बनाने जा रहे हैं। मुक्तसर में पत्रकारों के साथ बातचीत दौरान बादल ने इसके संकेत दिए है।आपको बता दें कि अपनी कैबिनेट में 25 मुख्य संसदीय सचिव रखने वाली अकाली दल दिल्ली की केजरीवाल सरकार की इसी नीति की निंदा कर चुकी है। चुनावी साल होने के कारण बादल सभी विधायकों को खुश करने के मूड में हैं।
समाजवादी पार्टी का चुनाव निशान साइकिल हो सकता है सीज!
समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को उनके ही पुत्र और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राजनीति की बिसात पर शह दे दी है. जनेश्चर मिश्र पार्क में सपा के विशेष अधिवेशन में अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है. वहीं अब राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे मुलायम सिंह यादव को संरक्षक घोषित किया गया है.
राजनीतिक जानकार इस कदम को समाजवादी पार्टी के लिए नुकसानदेह मानकर चल रहे हैं. उनका कहना है कि हो सकता है कि चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव के दौरान सपा का चुनाव निशान साइकिल सीज कर दे. वहीं अगर अखिलेश द्वारा इस्तीफा देने या शिवपाल गुट द्वारा समर्थन वापसी का कदम उठाया जाता है तो इस स्थिति का पूरा लाभ केंद्र सरकार उठाने की कोशिश करेगी, प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लग सकता है, चुनाव टल सकते हैं.
वरिष्ठ पत्रकार राम दत्त त्रिपाठी कहते हैं कि अब यह पूरी तरह साफ हो गया कि समाजवादी पार्टी दो खेमों में बंट चुकी है. एक अखिलेश गुट है, दूसरा मुलायम गुट है. आज अखिलेश की ताजपोशी के बाद इनकी तरफ से चुनाव आयोग को सूचना दी जाएगी, जिसके बाद चुनाव आयोग इस पर रिकॉर्ड तलब करेगा.
साल भर पहले से राम गोपाल पार्टी में कह रहे थे कि मुझे नई पार्टी बनानी है. इसी पर रोक लगाने के लिए मुलायम ने पहले अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया था, फिर राम गोपाल को निष्कासित किया था.
पार्टी के नियम कानून और संविधान के अनुसार साथ ही चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में अभी तक मुलायम सिंह यादव अध्यक्ष हैं. अब जब अखिलेश गुट दावा करेगा तो उसके बाद चुनाव आयोग रूल्स के हिसाब से परीक्षण करेगा. पार्टी में किसका दावा बनता है, उसके लिए एक प्रक्रिया निर्धारित है. पार्टी के जो विधायक हैं, सांसद हैं, हारे हुए उम्मीदवार हैं, उनकी राय लेने आदि की एक निश्चित प्रक्रिया है.
इस विवाद में समाजवादी पार्टी का चुनाव निशान साइकिल सीज हो सकता है क्योंकि इतनी जल्दी इसका निर्णय नहीं हो पाएगा. पहले चुनाव आयोग नोटिस जारी करेगा, फिर सुनवाई करेगा, तय करेगा. जिसमें काफी समय लगेगा. चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ भी दूसरा गुट हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट जा सकता हैं. एक लंबी प्रकिया है. जाहिर है तब तक विधानसभा चुनाव समाप्त हो चुके होंगे.
दूसरा खतरा ये भी है कि इस विवाद में अब सरकार गिर सकती है क्योंकि सरकार गिराने के लिए 20 से 25 विधायक ही चाहिए. अगर शिवपाल सहित 20 से 25 विधायक राज्यपाल के पास जाते हैं तो सरकार गिर सकती है. ऐसी स्थिति में एक संभावना ये भी बनती है कि चूंकि बीजेपी में नोटबंदी की वजह से बहुत से ऐसे लोग हैं, जो असहज हैं, अभी चुनाव नहीं चाहते हैं. तो ये भी कोशिश हो सकती है कि राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाए और चुनाव टल जाएं.
एक संभावना ये भी है कि अखिलेश भी इस्तीफा देने जा सकते हैं कि और खुद को कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो गेंद गवर्नर और केंद्र के पाले में हैं. वहीं शिवपाल और अखिलेश इस तरह का कदम नहीं उठाते तो मामला चुनाव आयोग के पास ही रहेगा.
नए साल की पूर्व संध्या पर पीएम मोदी ने खोला राहतों का पिटारा, जानिए क्या-क्या किए ऐलान
नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2016 यानी आज नोटबंदी को लेकर राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने इससे पहले 8 नवंबर को देश को संबोधित किया था, जब उन्होंने देश से भ्रष्टाचार और काले धन को खत्म करने के लिए 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट बंद किए जाने की घोषणा की थी। आज वह विमुद्रीकरण और काले धन पर बात कर बात की। उन्होंने कहा कि दीवाली के तुरंत बाद हमारा देश ऐतिहासिक शुद्धि यज्ञ का गवाह बना।
पढ़ें-पीएम मोदी द्वारा कही गई बातों के मुख्य अंश :
* वरिष्ठ नागरिकों को 7.5 लाख रुपए तक की राशि पर 10 साल तक के लिए सालाना 8 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा, जिसे वह हर महीने निकाल सकेंगे
* गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार का ऐलान। देश के 650 से ज्यादा जिलों में सरकार गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण, डिलिवरी, टीकाकरण के लिए 6000 रुपये की मदद करेगी।
* मुद्रा योजना को पिछले साल करीब 3.5 करोड़ लोगों ने फायदा उठाया है
* डिस्ट्रिक्ट कॉपरेटिव सेंट्रल बैंक और प्राइमरी सोसायटी से जिन किसानों ने खरीफ और रबी की बुवाई के लिए कर्ज लिया था उस कर्ज के 60 दिन का ब्याज सरकार वहन करेगी और किसानों के खातों में ट्रांसफर करेगी
* घर की मरम्मत के लिए दो लाख रुपये के लोन पर ब्याज में तीन फीसदी की छूट मिलेगी
* छोटे व्यापारियों की क्रेडिट गारंटी बढ़ाकर सरकार ने 1 करोड़ से दो करोड़ रुपये की
* किसानों का 60 दिनों का कर्ज सरकार देगी
* आदतन बेईमान लोगों को भी अब टेक्नोलॉजी की ताकत के कारण, काले कारोबार से निकलकर कानून-नियम का पालन करते हुए मुख्यधारा में आना होगा
* अगले तीन महीने में 3 करोड़ किसान क्रेडिट कार्डों को RUPAY कार्ड में बदला जाएगा
फर्टिलाइजर भी 9 प्रतिशत ज्यादा उठाया गया है
पिछले साल की तुलना में इस वर्ष रबी की बुवाई 6 प्रतिशत ज्यादा हुई है
अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरों में इस वर्ग को नए घर देने के लिए दो नई स्कीमें बनाई गई हैं
पीएम आवास योजना के तहत शहरों में बनने वाले घरों पर नौ लाख के कर्ज पर ब्याज में 4% और 12 लाख पर 3% की छूट
आजादी के सालों बाद भी लोगों के पास घर नहीं
हिंसा का रास्ता छोड़ नौजवान मुख्यधारा में लौट रहे हैं
काल के कपाल पर अंकित हो चुका है कि जनशक्ति का मतलब क्या होता है
किसी देश के लिए शुभ संकेत है कि उसके नागरिक कानून का पालन करते हुए मुख्य धारा में वापस आ रहे हैं
बैंकों से आग्रह है कि वे अपनी परंपरागत प्राथमिकताओं से बाहर आकर गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के लोगों को ध्यान नें रखकर कामकाज करे
जिन बैंक कर्मचारियों ने नोटबंदी के दौरान गड़बड़ी की है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा
नोटबंदी के दौरान बैंक कर्मचारी, पोस्ट ऑफिस कर्मियों ने बहुत सराहनीय काम किया है
बीते दिनों की घटनाओं ने यह साफ किया है कि चालाकी के रास्ते आगे बंद हो चुके हैं
कालाधन समाज और सरकार के लिए नासूर बन गए हैं
नागरिकों से ज्यादा जिम्मेदारी अफसरों की है
चर्चा स्वाभाविक है कि अब बेईमानों का क्या होगा? ऐसे में कानून अपना काम करेगा। सरकार की प्राथमिकता है कि ईमानदारों को संरक्षण कैसे मिले
यह सरकार सज्जनों की मित्र है और दुर्जनों को सही रास्ते पर लाने के लिए मार्ग प्रशस्त करने में लगी है
सरकार को मिली जानकारी के मुताबिक देश नें सिर्फ 24 लाख लोग मानते हैं कि उनकी आय 10 लाख रुपये से ज्यादा है
बड़े नोट गरीबों का हक छीन रहे थे
दिवाली के बाद की घटनाओं से यह सिद्ध हो चुका है कि लोग करप्शन के घुटन से मुक्त होना चाहते हैं
देशवासियों ने जो कष्ट झेला है वह भारत के भविष्य की मिसाल है
बीते कुछ सालों में 500 और हजार के नोट महंगाई और कालाबाजारी बढ़ा रहे थे।
बहुत से देशवासियों ने मुझे चिट्ठियां लिखीं और अपना दर्द साझा किया
सरकार ने संबंधित लोगों से बैंकिंग व्यवस्था को सामान्य करने के लिए कहा है
भ्रष्टाचार और जाली नोटों के खिलाफ लड़ाई में आप साथ है
बीते दिनों अपना ही पैसा निकालने के लिए आप लोगों को घंटो लाइन में लगना पड़ा औऱ परेशानी उठानी पड़ी
अच्छाई के लिए होने वाले आंदोलनों में जनता आमने सामने होते हैं, लेकिन इस आंदोलन में सरकार और जनता दोनों कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ रहे हैं
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, देशवासियों ने इसे जीकर दिखाया है
सच्चाई और अच्छाई हमारे देश के लोगों के लिए बहुत महत्व रखती है
अपने घर की विकृतियों और बुराइयों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हुए देशवासी
कालेधन, भ्रष्टाचार को घुटने टेकने पर ईमानदार देशवासियों ने मजबूर किया
मुसीबत की घड़ी में देशवासियों ने धैर्य से काम किया: पीएम मोदी।
ऐसी घुटन से मुक्ति की तलाश में थे देशवासी: पीएम मोदी।
देशवासियों के धैर्य से शुद्धि यज्ञ चला: पीएम मोदी।
देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं पीएम मोदी।





